
कांड्रा:कांड्रा पंचायत अंतर्गत विकास कार्य को बीच में ही लटका कर छोड़ देने के मामले में ‘संचार भारत न्यूज़’ की खबर का एक बड़ा और असरदार प्रभाव देखने को मिला है। कांड्रा धर्म कांटा से नरेंद्र नगर स्कूल तक मुख्य सड़क का निर्माण तो करा दिया गया था, लेकिन कांड्रा बांधकुली स्थित बजरंगबली मंदिर के समीप सचिन कुमार साव और सोहन गुप्ता के घर के पास करीब 2 मीटर सड़क को आधा-अधूरा ही बनाकर छोड़ दिया गया था। संवेदक (ठेकेदार) की इस मनमानी और लापरवाही को ‘संचार भारत न्यूज़’ ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
खबर छपते ही हरकत में आया विभाग और ठेकेदार
’संचार भारत न्यूज़’ में खबर छपने के अगले ही दिन ठेकेदार और संबंधित विभाग कुंभकर्णी नींद से जाग उठे। जनहित और जन सुरक्षा को देखते हुए ठेकेदार ने तुरंत हरकत में आते हुए दूसरे ही दिन कांड्रा बांधकुली में काम शुरू करवा दिया। जहां 2 मीटर सड़क अधूरी छोड़ी गई थी, ठीक उसी के बगल में सड़क के बीचों-बीच नाली की सही निकासी के लिए गड्ढा खोदा गया है। इस गड्ढे को भरकर नाली का मिलान करने के तुरंत बाद, छूटे हुए दो मीटर के हिस्से का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
क्या थी समस्या? गौरतलब है कि इस योजना के तहत नई नाली का निर्माण तो पूरा कर लिया गया था, लेकिन जहां नाली समाप्त हो रही थी, ठीक वहीं से एक अंदरूनी गली मुख्य मार्ग के लिए निकलती है। ठेकेदार ने वहीं पर सड़क का 2 मीटर का हिस्सा अधूरा छोड़ दिया था, जिससे वहां एक गहरा और खतरनाक गड्ढा बन गया था। इस वजह से प्रतिदिन गुजरने वाले सैकड़ों स्कूली बच्चों, बाइक सवारों और टेंपो चालकों की जान जोखिम में थी। रात के अंधेरे में स्थिति और भी जानलेवा हो जाती थी।
सोशल इन्फ्लुएंसर चंदन कुमार दे ने जताया आभार
इस गंभीर समस्या को उठाने के लिए क्षेत्र के जाने-माने सोशल इन्फ्लुएंसर चंदन कुमार दे ने ‘संचार भारत न्यूज़’ को तहे दिल से धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि: ”जनता की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाना ही सच्चे पत्रकारिता का धर्म है। जहां कांड्रा बांधकुली में 2 मीटर सड़क को अधूरा छोड़ दिया गया था, वहीं ‘संचार भारत न्यूज़’ में खबर लगते ही दूसरे दिन ठेकेदार द्वारा काम शुरू करा दिया गया। इसके लिए पूरी टीम बधाई की पात्र है।”
स्थानीय ग्रामीणों ने भी राहत की सांस ली है और ‘संचार भारत न्यूज़’ की इस त्वरित और असरदार पत्रकारिता की जमकर सराहना की है।
ठेकेदार द्वारा काम शुरू करा देने से अब ग्रामीणों का आक्रोश शांत हुआ है और लोगों को जल्द ही इस खतरनाक गड्ढे से मुक्ति मिल जाएगी।
