
सरायकेला/खरसावां: मुखी समाज के वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के पूर्व सहायक प्रबंधक दिलीप महानंद (60 वर्ष) का हृदयघात (हार्ट अटैक) से आकस्मिक निधन हो गया है। इस दुखद खबर से पूरे मुखी समाज और स्थानीय क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन पर समाज के विभिन्न संगठनों और गणमान्य लोगों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
इस दुखद घड़ी में केंद्रीय मुखी समाज के अध्यक्ष श्रीहरि मुखी ने कहा कि समाज ने आज एक जुझारू और मिलनसार नेता खो दिया है, जिससे हम सभी अत्यंत मर्माहत हैं। वहीं, मानवाधिकार सहायता संघ (सरायकेला खरसावां) के वरिष्ठ संघ मित्र रंजन कारूवा ने कहा कि समाज ने एक कर्मठशील और जागरूक कार्यकर्ता खो दिया है, जिसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं है और उनकी कमी हमेशा खलेगी।
कारूवा समाज के प्रदेश कोषाध्यक्ष गुरूचरण मुखी ने दिलीप सर के सामाजिक योगदान को याद करते हुए बताया कि वे अपने जीवनकाल में समाज के बच्चों को शिक्षित करने के लिए निःशुल्क पढ़ाते थे। श्रमिक विद्यापीठ के माध्यम से शैक्षणिक और कौशल विकास करवाने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। केंद्रीय युवा मुखी समाज के पूर्व अध्यक्ष बुद्धदेव कारूवा ने कहा कि दिलीप सर समाज के लिए एक प्रेरणा थे। उन्होंने अपना जीवन संघर्षपूर्ण रूप से बिताया और शिक्षा को विशेष महत्व दिया। समाज उत्थान में उनके इसी समर्पण का परिणाम था कि वे स्वयं एसबीआई के सहायक प्रबंधक पद तक पहुंचे।
इस दौरान दिवंगत आत्मा के अंतिम दर्शन और शोक प्रकट करने के लिए समाज के गणमान्य लोग भारी संख्या में उपस्थित थे। इनमें मुख्य रूप से श्रीहरि मुखी, संतोष बेहरा, राजू बेहरा, आनंद मुखी, रंजन कारूवा, बुद्धदेव कारूवा, सुग्रीव मुखी, नरेश मुखी, राकेश मुखी, चैतन्य मुखी, राजन मुखी, लखींद्र कारूवा और राजू मुखी सहित समाज के सैकड़ों लोग मौजूद थे, जिन्होंने दिलीप महानंद जी को नमन किया।
