
कांड्रा।
कांड्रा और आसपास के क्षेत्रों के लिए आस्था का बड़ा केंद्र बन चुकी ऐतिहासिक भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा आगामी 16 जुलाई को धूमधाम से निकालने की तैयारियां चल रही हैं। हालांकि, इस बार रथयात्रा के मार्ग की बदहाली और प्रशासनिक उदासीनता को लेकर स्थानीय लोगों में गहरी चिंता है। सड़क के बीचो-बीच बने बड़े-बड़े गड्ढे और बदहाल रास्ते को देखकर अब यह बड़ा सवाल उठने लगा है कि आखिर इस उबड़-खाबड़ मार्ग से भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा कैसे सुचारू रूप से निकल पाएगी?

1980 से अनवरत चल रही है यह परंपरा
कांड्रा में इस रथयात्रा का इतिहास काफी पुराना है। विगत सन 1980 से यहां समाजसेवी स्वर्गीय हमेंद्र महतो के सहयोग से रथयात्रा निकालने की शुरुआत हुई थी। आज यह यात्रा हजारों ग्रामीणों की अटूट आस्था से जुड़ चुकी है। हर वर्ष यहां भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के दर्शन के लिए भारी संख्या में श्रद्धालुओं का जुटान होता है।

निधन के बाद बेटे और ग्रामीणों ने संभाली कमान
समाजसेवी स्वर्गीय हमेंद्र महतो के आकस्मिक निधन के बाद, अब परंपरा को जीवित रखने के लिए उनके बेटे और समाजसेवी विजय महतो ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से कमान संभाली है। विगत कई वर्षों से रथ की मरम्मत न होने के कारण इसकी स्थिति बेहद जर्जर हो चुकी थी। ऐसे में विजय महतो और ग्रामीणों द्वारा निजी स्तर पर रथ को दुरुस्त किया जा रहा है, उसे पेंट कर आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है ताकि त्योहार की गरिमा बनी रहे।
सोशल इनफ्लुएंसर चंदन कुमार दे ने कहा
वही सोशल इनफ्लुएंसर चंदन कुमार दे ने कड़ी निंदा करते हुए कहा की आस्था के महापर्व रथ यात्रा में सड़क की बदहाली कतई बर्दाश्त नहीं होगी इसकी मरम्मत रथ यात्रा से पहले होना अति आवश्यक है.
सड़क दुरुस्त करने की मांग
सड़क की बदहाली पर चिंता व्यक्त करते हुए समाजसेवी विजय महतो ने कहा कि रथयात्रा से पहले मार्ग को ठीक करना बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से अपील की है कि 16 जुलाई से पहले सड़क के गड्ढों को भरकर इसे दुरुस्त किया जाए, ताकि रथयात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना या बाधा उत्पन्न न हो और श्रद्धालु सुरक्षित ढंग से त्योहार मना सकें। वही मौके पर मुख्य रूप से समाजसेवी विजय महतो,सोशल इनफ्लुएंसर चंदन कुमार दे के साथ काफी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे
