
कांड्रा। कांड्रा स्टेशन चौक निवासी प्रख्यात समाजसेवी रोशन प्रसाद साव के छोटे भाई धीरज प्रसाद साव (45 वर्ष) का शुक्रवार को आकस्मिक निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से गंभीर रूप से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की खबर फैलते ही कांड्रा और आसपास के पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, धीरज प्रसाद साव की तबीयत बिगड़ने के बाद उनके भाई रोशन प्रसाद साव ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए बड़े और प्रतिष्ठित अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों और परिजनों की चौबीसों घंटे की सेवा के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। सच ही कहा गया है कि ‘विधि के विधान और समय के चक्र के आगे इंसान की हर कोशिश अधूरी रह जाती है, जीवन और मृत्यु पर किसी का बस नहीं चलता।’
धीरज प्रसाद साव अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके परिवार में उनकी पत्नी रेनू प्रसाद साव, तीन बेटियां—पूजा कुमारी, लवली कुमारी, बबली कुमारी और एक बेटा आशीष प्रसाद साव शामिल हैं। अचानक हुए इस वज्रपात से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर के मुख्य सदस्य के असमय चले जाने से पत्नी रेनू प्रसाद साव, बड़े भाई गणेश प्रसाद साव और छोटे भाई समाजसेवी रोशन प्रसाद साव सहित समस्त परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बानाडुंगरी मुक्तिधाम में दी गई अंतिम विदाई
निधन के पश्चात दिवंगत धीरज प्रसाद साव की अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें भारी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। उनका अंतिम संस्कार कांड्रा बानाडुंगरी स्थित मुक्तिधाम में अत्यंत गमगीन माहौल में संपन्न हुआ। इस दौरान वहां मौजूद सभी आंखें नम थीं। मुखाग्नि उनके छोटे पुत्र आशीष प्रसाद साव ने दी।
अंतिम संस्कार में सैकड़ों लोग हुए शामिल
इस दुखद घड़ी में अंतिम यात्रा और शवदाह गृह में मुख्य रूप से समाजसेवी रोशन प्रसाद साव, गणेश प्रसाद साव, पूर्व मुखिया होनी सिंह मुंडा, विजय साव, सरोज बर्मन, सुरेश बर्मन, कुलदीप प्रसाद साव, गोपाल बर्मन, रति मण्डल, सुभाष कालिंदी, भोजो हरी लोहार, गौरी रजक, संजय महाँती, निर्मल बर्मन,समाजसेवी डॉक्टर जोगेन्दर प्रसाद महतो समेत सैकड़ों की संख्या में स्थानीय नागरिक, व्यवसायी और गणमान्य लोग शामिल हुए और दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
उनके निधन पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और व्यवसायियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। शोकाकुल परिजनों को ढाढस बंधाने के लिए उनके निवास स्थान पर शुभचिंतकों और स्थानीय लोगों का तांता लगा हुआ है। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए और शोक संतप्त परिवार को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति देने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।
