
जगन्नाथपुर/नोवामुंडी (संचार भारत न्यूज़): पश्चिमी सिंहभूम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए दो अनाथ और गंभीर रूप से बीमार बच्चों की जान बचाई है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मौहम्मद शाकिर के मार्गदर्शन और सचिव रवि चौधरी की पहल पर, क्षेत्र भ्रमण के दौरान अत्यंत दयनीय हालत में मिले 7 और 13 वर्षीय बच्चों को समय रहते चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।

पारा लीगल वॉलंटियर (PLV) उमर सादिक द्वारा इन बच्चों को पहले जगन्नाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। जाँच में गंभीर एनीमिया (खून की कमी) और मलेरिया की पुष्टि होने पर, बेहतर इलाज के लिए उन्हें चाईबासा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। डालसा सचिव के निर्देश पर पीएलवी की एक विशेष टीम (सुमन गोप, रेणु देवी, हेमराज निषाद, लक्ष्मी केसरी और

आशिमा चटर्जी) गठित की गई है, जो सदर अस्पताल में बच्चों की लगातार देखभाल और अस्पताल प्रबंधन से समन्वय कर रही है। इलाज के साथ-साथ डालसा इन बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और भविष्य के सुरक्षित पुनर्वास के लिए भी ठोस कदम उठा रहा है।
