
कांड्रा। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रविवार को कांड्रा एसकेजी कॉलोनी मैदान में स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से एक भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिस प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधि और सैकड़ों की संख्या में मौजूद ग्रामीणों ने मिलकर मैदान परिसर में फलदार एवं छायादार कुल 100 पौधे लगाए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से कांड्रा थाना प्रभारी विनोद कुमार मुर्मू और कांड्रा पंचायत की मुखिया शंकरी सिंह उपस्थित रहे। ग्रामीणों के इस सामूहिक प्रयास की पूरे क्षेत्र में सराहना की जा रही है।

’हर नागरिक पर्यावरण की रक्षा के लिए आगे आए’ : थाना प्रभारी विनोद कुमार मुर्मू
कांड्रा थाना प्रभारी विनोद कुमार मुर्मू ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा:
”पुलिस प्रशासन का काम केवल कानून व्यवस्था संभालना ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी अपना योगदान देना है। जिस तरह से आज ग्रामीणों ने एकजुट होकर इस वृक्षारोपण अभियान में हिस्सा लिया है, वह काबिले तारीफ है।बढ़ते प्रदूषण और बदलते मौसम को देखते हुए हर नागरिक को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा जरूर लगाना चाहिए।”
’पौधे लगाकर उनकी देखभाल करना भी हमारी जिम्मेदारी’ : मुखिया शंकरी सिंह

इस अवसर पर कांड्रा पंचायत की मुखिया शंकरी सिंह ने कहा:
”पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए पेड़-पौधों का होना बेहद जरूरी है। आज जो 100 पौधे लगाए गए हैं, वे आने वाली पीढ़ी के लिए एक अनमोल उपहार हैं। सिर्फ पौधे लगा देना ही काफी नहीं है, बल्कि एक अभिभावक की तरह इनकी देखरेख कर इन्हें बड़ा करना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। पंचायत को हरा-भरा और स्वच्छ बनाना ही हमारा मुख्य लक्ष्य है।”

ग्रामीणों में दिखा उत्साह
वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान कांड्रा एसकेजी कॉलोनी के पुरुषों, महिलाओं और युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। सभी ने संकल्प लिया कि वे समय-समय पर इन पौधों में पानी देंगे और इनकी सुरक्षा की पूरी व्यवस्था करेंगे। मौके पर मुख्य रूप से कांड्रा थाना प्रभारी विनोद कुमार मुर्मू, कांड्रा पंचायत की मुखिया शंकरी सिंह,कांड्रा पंचायत की उप मुखिया रीना मुखर्जी, कांड्रा पंचायत के पूर्व मुखिया होनी सिंह मुंडा,कांड्रा पंचायत के पूर्व उप मुखिया सुबोध सिंह, बप्पा पात्रो,मनीष प्रसाद, दिलीप दे, सुनीता प्रमाणिक, सोमा घोषाल , समाजसेवी लाल बाबू महतो, रंजीत मोदक, अशोक सिंह एवं क्षेत्र के कई गणमान्य लोग और सैकड़ों स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
