
तख्तियों पर लिखे स्लोगन और नारों से शिक्षा के प्रति जागरूकता का दिया संदेश, कोटगढ़ मेन चौक तक पहुंची रैली
नोवामुंडी संवाददाता, 8 सितंबर। विश्व साक्षरता दिवस के अवसर पर मंगलवार को उच्च विधालय कोटगढ के शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं द्वारा लोगों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जागरूकता रैली निकाली गई। रैली में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों के हाथों में शिक्षा और साक्षरता का संदेश देती विभिन्न प्रकार की तख्तियां थीं, जिन पर “पढ़ेगा इंडिया, तभी तो बढ़ेगा इंडिया”, “शिक्षा है विकास की पहली सीढ़ी”, “हर बच्चा स्कूल जाए, देश आगे बढ़ता जाए” सहित कई प्रेरणादायक स्लोगन लिखे हुए थे।
रैली विद्यालय परिसर से शुरू होकर आसपास के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए कोटगढ़ मेन चौक तक पहुंची। इस दौरान छात्र-छात्राएं कतारबद्ध होकर कदम से कदम मिलाते हुए नारे लगाकर लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक करते रहे। विद्यार्थियों ने अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने तथा शिक्षा से वंचित बच्चों को भी विद्यालय से जोड़ने की अपील की। रैली के दौरान ग्रामीणों एवं राहगीरों का भी ध्यान विद्यार्थियों द्वारा दिए जा रहे संदेशों की ओर आकर्षित हुआ।
कोटगढ़ मेन चौक पहुंचने के बाद रैली जयपाल सिंह मुंडा चौक की ओर बढ़ी और वहां से वापस विद्यालय की ओर लौट गई। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखा गया। शिक्षकों ने भी रैली में शामिल होकर बच्चों का उत्साह बढ़ाया तथा साक्षरता के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया।
इस अवसर पर प्रधान शिक्षक हाथीराम मुंडारी
ने कहा कि साक्षरता केवल अक्षर ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाने के साथ-साथ समाज और देश के विकास में सक्रिय भागीदारी का अवसर प्रदान करती है। शिक्षा के माध्यम से ही व्यक्ति अंधविश्वास, अशिक्षा और सामाजिक कुरीतियों से बाहर निकलकर बेहतर भविष्य की ओर बढ़ सकता है।

विद्यालय परिवार की ओर से लोगों से अपील की गई कि वे अपने बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दें और आर्थिक अथवा किसी अन्य कारण से यदि कोई बच्चा विद्यालय से बाहर है तो उसे दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास करें। रैली का उद्देश्य लोगों में यह संदेश पहुंचाना था कि एक शिक्षित समाज ही मजबूत, जागरूक और विकसित समाज का निर्माण कर सकता है।
