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आनंद मार्ग प्रचारक संघ सरायकेला खरसावाँ की ओर से पद्मावती जैन सरस्वती शिशु विद्या मन्दिर सीनी में विद्यालय के विद्यार्थियों को योग का प्रशिक्षण कराया गया एवं वृक्षारोपण कर पेड़ पौधों का वितरण किया गया । इस कार्यक्रम में योग प्रशिक्षक आचार्य गुणीन्द्रनन्द अवधूत ने विद्यार्थियों को योग मुद्रा आग्नेय मुद्रा ,अग्निसार, दीर्घ प्रणाम ,भुजंगासन, शशंकसन एवं अन्य आसन का

अभ्यास कराया ।योग के विषय में बताते हुए कहा गया कि योग ही एक ऐसा माध्यम है जिससे समाज के सामाजिक एवं आर्थिक समस्याओं का सम्पूर्ण निदान अष्टांग योग में छुपा है। आज अष्टांग योग का पालन किया जाए तो समाज में जो भी सामाजिक समस्या है एवं आर्थिक समस्या है उसका समाधान अष्टांग योग के पालन से संभव है ,भगवान सदाशिव ने योग साधना और तांत्रिक योग की आधारशिला मनुष्य के कल्याण एवं मुक्ति मोक्ष

के लिए रखा था उसके बाद भगवान श्री कृष्ण के द्वारा गीता में दिए गए उपदेशों में योग के महत्व का विस्तृत वर्णन किया गया है इसके बाद महर्षि पतंजलि द्वारा मानव कल्याण हेतु अष्टांग योग पद्धति दिया गया है जिसमें योग की 8 शाखाएं है : यम ,नियम ,आसन ,प्राणायाम प्रत्याहार, धारणा ,ध्यान और समाधि .आनंद मार्ग की योग साधना पद्धति में भगवान शिव एवं महर्षि पतंजलि द्वारा दिए गए योग पद्धति का समावेश है .मानव का त्रिस्तरीय विकास शारीरिक मानसिक और आध्यात्मिक में योग का व्यापक उपयोग बताया गया है .

उन्होंने कहा कि अष्टांग योग के माध्यम से ही सम्पूर्ण विश्व में शांति संभव है योग ही एक ऐसा माध्यम है जिससे पूरे दुनिया को एक सूत्र में बांधा जा सकता है जब समाज के प्रत्येक व्यक्ति का लक्ष्य एक हो जाए तब वहां सभी तरह का भेदभाव खत्म हो जाता है जब समाज एक ही सकारात्मक चिंता धारा में बहने का प्रयास करेगा तभी विश्व शांति संभव हो पाएगा योग के माध्यम से मनुष्य अपने लक्ष्य तक पहुंच सकता है .

इस मौके पर विद्यालय प्रांगण में प्रिवेंड
प्रिवेंशन ऑफ क्रुएलिटी टू एनिमल्स एंड प्लांट्स की ओर से 100 फलदार वृक्षों का रोपण वैदिक मंत्रोपचारण के साथ किया गया एवं विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए आम ,कटहल ,जामुन, बेल,काजू आँवला का वितरण किया गया ।इस मौके पर आनन्द मार्ग प्रचारक संघ सरायकेला खरसावाँ के भुक्ति प्रधान गोपाल बर्मन ,ईन्द्र साव, बाल चन्द साहू, विद्यालय के प्राचार्य सत्येंद्र राम, शिक्षक बृन्द ,विद्यालय प्रबन्ध समिति के सदस्य गण उपस्थित थे
