
पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर में आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर मानवता, सेवा और समाजहित की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आया। “रक्तदान महादान” के संकल्प के साथ आयोजित इस शिविर में सरकारी कर्मियों, जेएसएलपीएस समूह की महिलाओं और स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शिविर में कुल 47 लोगों ने रक्तदान के लिए पंजीकरण कराया, जिनमें स्वास्थ्य जांच के बाद 31 लोग रक्तदान के लिए फिट पाए गए। इनमें 19 पुरुष और 12 महिलाओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर कई जरूरतमंद मरीजों को नई जिंदगी देने का संकल्प लिया।
इस शिविर की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि जगन्नाथपुर के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) महेंद्र छोटन उरांव स्वयं रक्तदान करने के लिए आगे आए और समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया। रक्तदान के बाद उन्होंने कहा कि
“रक्तदान सबसे बड़ा महादान है। आपके द्वारा दिया गया एक यूनिट रक्त किसी की जिंदगी बचा सकता है। इससे बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं हो सकता। समाज के हर स्वस्थ युवा को आगे आकर रक्तदान करना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि आज भी कई लोग रक्तदान को लेकर भ्रम में रहते हैं, जबकि चिकित्सकों के अनुसार रक्तदान से किसी प्रकार की कमजोरी नहीं आती। कुछ ही दिनों में शरीर में रक्त की भरपाई हो जाती है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि समाज और मानवता की रक्षा के लिए नियमित रूप से रक्तदान करना बेहद जरूरी है।
रक्तदान के बाद रक्तदाताओं के चेहरे पर आत्मसंतोष और खुशी साफ दिखाई दे रही थी। कई युवाओं ने कहा कि किसी जरूरतमंद की जान बचाने से बड़ा कोई धर्म नहीं है। शिविर में मौजूद लोगों ने भी इस पहल की जमकर सराहना की और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
रक्तदान करने के बाद मुख्य अतिथियों द्वारा सभी रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र (सर्टिफिकेट) देकर सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि रक्तदाता समाज के सच्चे नायक हैं, जिनकी वजह से अनगिनत मरीजों को नया जीवन मिलता है। सम्मान पाकर रक्तदाताओं में उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला।
शिविर में वरीय पदाधिकारी सह जिला परिवहन पदाधिकारी गौतम कुमार, बीडीओ सत्यम कुमार, अंचल अधिकारी मनोज कुमार मिश्रा, चिकित्सा पदाधिकारी जयंतो कुमार, बीपीएम देवव्रत सिन्हा सहित कई अधिकारी एवं स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। बीपीएम देवव्रत सिन्हा ने भी रक्तदान कर लोगों को प्रेरित किया।
मुख्य अतिथि सह डीटीओ गौतम कुमार ने कहा कि एक व्यक्ति के रक्तदान से तीन लोगों की जान बचाई जा सकती है। वहीं बीडीओ सत्यम कुमार ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है और हर स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान करना चाहिए।
कार्यक्रम में जेएसएलपीएस की बैंक सखी महिलाओं की भागीदारी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेकर यह संदेश दिया कि समाज सेवा में महिलाएं भी किसी से पीछे नहीं हैं।
रक्तदान शिविर को सफल बनाने में करेंजिया मुखिया जुलियस हेब्रम, सदर अस्पताल की स्वास्थ्य टीम तथा जगन्नाथपुर स्वास्थ्य केंद्र के कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
समाज के लिए बड़ा संदेश
यह रक्तदान शिविर केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को मानवता और सेवा का संदेश देने वाली प्रेरणादायक पहल साबित हुआ। जरूरत पड़ने पर रक्त ही किसी व्यक्ति के जीवन और मृत्यु के बीच सबसे बड़ा सहारा बनता है। ऐसे में यदि समाज का हर स्वस्थ व्यक्ति वर्ष में एक या दो बार रक्तदान करने का संकल्प ले, तो किसी भी मरीज को रक्त के अभाव में अपनी जान नहीं गंवानी पड़ेगी।
