
चांडिल। नारायण आईटीआई लुपुंगडीह चांडिल में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप एवं महान स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक व शिक्षाविद गोपाल कृष्ण गोखले की जयंती श्रद्धा, सम्मान एवं प्रेरणादायी वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत दोनों महापुरुषों के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर की गई।
इस अवसर पर संस्थान के संस्थापक सह भाजपा नेता डॉ. जटाशंकर पांडे ने कहा कि महाराणा प्रताप साहस, स्वाभिमान, त्याग और राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक हैं। उनका संघर्षपूर्ण जीवन आज भी युवाओं को अन्याय के विरुद्ध डटकर खड़े होने तथा मातृभूमि के सम्मान के लिए समर्पित रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने ये भी कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से समझौता न करना ही महाराणा प्रताप के जीवन का सबसे बड़ा संदेश है।

डॉ. पांडे ने गोपाल कृष्ण गोखले के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख विचारकों में से एक थे। उन्होंने शिक्षा, सामाजिक सुधार, लोकतांत्रिक मूल्यों एवं राष्ट्र निर्माण को नई दिशा देने का कार्य किया। महात्मा गांधी भी उन्हें अपना राजनीतिक गुरु मानते थे। गोखले जी का जीवन युवाओं को ज्ञान, सेवा और नैतिकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राओं ने दोनों महान विभूतियों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा समाज एवं राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से एडवोकेट निखिल कुमार जी, जयदीप पांडे, शांति राम महतो, प्रकाश महतो, देवाशीष मंडल, शुभम साहू, पवन महतो, अजय मंडल गौरव महतो, कृष्णा पद महतो, शिशुमती दास निमाई मंडल सहित संस्थान के शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
