
सरायकेला: झारखंड के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन सोमवार को सरायकेला पहुंचे तथा क्षेत्र के दो विद्यालयों सहित एक पंचायत सचिवालय का भ्रमण किए। इस क्रम छात्र छात्राओं सहित शिक्षा के संबंध एवं पंचायत सचिवालय में ग्रामीणों से सरकारी योजनाओं एवं उनके जसमस्याओं पर उन्होंने संवाद की।

जिला मुख्यालय स्थित कुमार विजय प्रताप सिंहदेव राज्य संपोषित बालिका+2 उच्च विद्यालय पहुंचकर वहां के शिक्षकों एवं छात्राओं से संवाद किया। विद्यालय के लिए भूमि दान देने हेतु कुमार विजय प्रताप सिंहदेव के परिवार के प्रति उन्होंने कृतज्ञता अर्पित की। विद्यालय के ICT लैब, लाइब्रेरी एवं स्मार्ट क्लास की व्यवस्था की सराहना की।

एक छात्रा ने संवाद के क्रम में उनसे सांसद एवं राज्यपाल के रूप में अपने अनुभव को साझा करने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि सांसद रहते किस प्रकार उन्होंने अपने क्षेत्र में जनता के लिए सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, रोजगार इत्यादि सुलभ कराने कि दिशा में कार्य किया और कोयंबटूर से 6 अतिरिक्त ट्रेनों का परिचालन कराने की दिशा में अपनी भूमिका निभाई।

राज्यपाल के रूप में वे अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन में सकारत्मक बदलाव देखना चाहते हैं। इसलिए वे सुदूरवर्ती गाँवों में जाकर ग्रामीणों से संवाद करते हैं व उनकी समस्याओं से अवगत होते हैं। एक अन्य छात्रा के प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि अपना कार्य बिना फल की चिंता करते हुए करें।

प्रत्येक कार्य के लिए समय का निर्धारण करें। संवाद करते हुए कहा कि उनके प्रेरणास्रोत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी हैं। वे देश के विकास के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं, जिसके कारण भारत विश्व की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन चुका है। हमें भी लगातार प्रयास करना चाहिए, सफलता अवश्य मिलेगी।

इसी क्रम अनुसूचित जनजाति आवासीय उच्च विद्यालय सरायकेला में बच्चों के साथ संवाद किया एवं उनके मध्य खेल सामग्री वितरित किया। उन्होंने बच्चों को प्रदत्त शिक्षा, छात्रावास की व्यवस्था एवं खान-पान के बारे में जानकारी प्राप्त की। बच्चों ने बताया कि उन्हें पौष्टिक भोजन के साथ अंडा भी दिया जाता है। राज्यपाल ने कहा कि बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए प्रोटिनयुक्त भोजन का होना आवश्यक है।

वह चाह रहे हैं कि 8वीं एवं 9वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को भी सप्ताह में एक दिन अंडा एवं दो दिन दूध सुलभ हो, इसके लिए वे अपने भ्रमण के पश्चात समाज कल्याण विभाग के साथ एक बैठक करेंगे। उन्होंने बच्चों को शिक्षा का महत्व समझाते हुए हुए मन लगाकर पढ़ने के लिए प्रेरित किया।

ईटाकुदर गाँव में राज्यपाल ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि वे झारखंड के कई सुदूरवर्ती गाँवों में दौरा कर चुकें है। कई सफल स्वयं सहायता समूह के सदस्यों से संवाद भी किया है। संवाद के क्रम गाँव के मुखिया ने बताया कि उस गाँव के आजीविका का मुख्य स्रोत कृषि है। वहाँ के लोगों को मनरेगा योजना का लाभ के साथ विभिन्न आवास योजना के तहत आवास भी मिलता है। सर्वजन पेंशन, 100 यूनिट फ्री बिजली, जल-नल योजनाओं, अन्य योजनाओं के द्वारा पंचायत में कार्य किये जा रहे हैं,

इसे एक आदर्श पंचायत बनाने हेतु प्रयास जारी है। काशीडीह टोला की एक महिला ने टोला में पेयजल समस्या बताते कहा मात्र एक पुराने कुएं पर टोला आश्रित है जरूरत के अनुसार पानी नहीं मिलती। राज्यपाल ने उपायुक्त को इस समस्या का निदान करने हेतु कहा। उपायुक्त ने महिला को आश्वस्त किया कि शीघ्र ही संबंधित अभियंता उस टोला में जायेंगे और जल की समस्या को दूर करने हेतु समुचित रूपरेखा बनाएंगे। एक अन्य ग्रामीण ने मानीटोला गाँव में सड़क की आवश्यकता की बात कही। दूधी गाँव की एक महिला ने बताया कि स्वयं सहायता समूह से जुड़कर उनके जीवन में बदलाव आया है। मौके पर

राज्यपाल द्वारा कई लाभुकों के मध्य परिसंपत्ति का वितरण भी किया गया।
सभी स्थानों पर गार्ड ऑफ ऑनर के बाद स्थानीय परंपरा के अनुसार राज्यपाल का स्वागत किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त अरवा राजकमल सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित थे।
