प्रतिनिधि :: रति रंजन

महास्नान यात्रा के अमृत क्षणों में भक्तों ने किए श्रीजगन्नाथ के दिव्य दर्शन,जय जगन्नाथ के जयघोष से गुंजायमान हुआ क्षेत्र
महास्नान के बाद बड़े भाई बलभद्र,देवी सुभद्रा,महाप्रभु जगन्नाथ हुए अस्वस्थ ,अगले पंद्रह दिनों तक स्वास्थ्य लाभ हेतु अणसर गृह में करेंगे विश्राम,भक्त नही कर पाएंगे दर्शन
१९ जून को नेत्रोत्सव पर महाप्रभु अपने अलौकिक नवयौवन रूप में भक्तों को देंगे दर्शन,२० जून को आयोजित होगी महाप्रभु श्रीजगन्नाथजी की रथ यात्रा

सरायकेला :: पवित्र देव स्नान पूर्णिमा पर रविवार को खरसावां राजमहल स्थित श्री मंदिर में राजपुरोहित ,मंदिर के पुजारी एवम गोसाईं के द्वारा भगवान जगन्नाथ, बलभ्रद एवं बहन सुभ्रदा को १०८ कलश से स्नान कराया गया। इस दौरान विधिवत मंत्रोच्चार के साथ पूजा एवं सारे विधि विधान को मंदिर के पुजारी, राजपुरोहित,गोसाईं द्वारा सम्पन्न किया गया।मान्यता है कि महास्नान एवम त्रिदेव की महाआरती के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभ्रद एवं बहन सुभ्रदा बीमार पड़ जाएंगे।

इसलिए स्वास्थ्य लाभ के लिए मंदिर के गर्भगृह की बजाए भगवान अणसर गृह में जाएंगे। 15 दिन तक सेवक द्वारा उन्हें औषधियुक्त काढ़े आदि का भोग लगाकर गुप्त सेवा दी जाएगी।इस दौरान भगवान के दर्शन भक्त नही कर पाएंगे। पंद्रह दिनों के अणसर नीति के पश्चात १९ जून को नेत्रोत्सव के दिन भगवान जगन्नाथ, बलभ्रद एवं बहन सुभ्रदा अपने अलौकिक नवयौवन रूप के दिव्य दर्शन देंगे इस दिन भगवान की विशेष पारम्परिक रश्मों एवं विधि विधान के साथ पूजा की जाएगी।

तत्पश्चात पवित्र रथ यात्रा के दिन आगामी २० जून को भगवान जगन्नाथ, बलभ्रद एवं बहन सुभ्रदा रथारूढ़ होकर आमजनों को दर्शन देंगे। उक्त देवस्नानपुर्णिमा के सभी रस्मों, पारम्परिक नीतियों, पूजा अर्चना के दौरान राजपुरोहित अम्बुजाख्य आचार्य,राजगोसाई बिमला सारंगी,पुजारी राजाराम सत्पथी,राकेश दाश,रूपेश नंदा, देवनाथ सत्पथी समेत काफी संख्या में भक्त गण मौजूद रहे ।
