
युवा कवि एवं ‘निनाद’ के सह-संस्थापक निशांत सिंह ने मुंबई के प्रतिष्ठित काव्य मंच The Habitat में शार्टलिस्ट होने के बाद प्रभावशाली प्रस्तुति देकर साहित्यिक जगत का ध्यान आकर्षित किया है।
सिदगोड़ा निवासी निशांत डाटा एनालिसिस के पेशे और कविताओं में व्यस्त रहने के कारण निशांत कई बार मुंबई जाना टालते रहे किंतु परिस्थितियों ने ऐसा मोड़ लिया कि उन्हें मुंबई की यात्रा करनी पड़ी। लगभग डेढ़ महीने बाद The Habitat में उनकी प्रस्तुति हुई, जो न केवल और उनके परिवार के लिए बल्कि ‘निनाद’ संस्था के लिए भी गर्व का विषय बन गई।
सिदगोड़ा निवासी निशांत सिंह कवि के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने के साथ-साथ कवि सम्मेलन – ओपन माईक के आयोजन, संयोजन, शो डिज़ाइनिंग और कार्यक्रमों की सूक्ष्मतम बारीकियों पर ध्यान देने वाले टीम लीडर हैं और इस उपलब्धि ने उनके व्यक्तित्व के इन गुणों को और अधिक निखार दिया है।
निशांत कहते हैं इस डिजिटल युग में प्लेटफार्म और अवसरों की कमी नहीं है बस समर्पण होना जरूरी है

साहित्य समुदाय का मानना है कि मंच पर उनकी उपस्थिति और कविताओं की संवेदनशील अभिव्यक्ति आने वाले समय में और अधिक देखने-सुनने को मिलेगी। निशांत स्वयं मानते हैं “कवि होना कुम्हार की चाक पर रखा मिट्टी का ढेला है, जो हर दिन नया रूप लेकर दुनिया को चकित कर देता है।”
‘निनाद’ परिवार ने अपने सह-संस्थापक की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि जड़ों से जुड़े रहकर आगे बढ़ने की उनकी सोच नई पीढ़ी के रचनाकारों के लिए प्रेरणा है। साहित्य और निजी जीवन के क्षेत्रों में उनकी निरंतर प्रगति की कामना करते हुए संस्था ने उन पर गर्व व्यक्त किया है।
