

संवाददॎता नोवामुंडी संचार भारत न्यूज़
सावन माह की पहली सोमवारी पर नोवामुंडी सहित उड़ीसा के प्रसिद्ध मुर्गा महादेव धाम में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सोमवार तड़के तीन बजे मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए। कपाट खुलते ही “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। हजारों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए कतारबद्ध हो गए। सुबह होते-होते पूरा मंदिर परिसर शिवभक्तों से खचाखच भर गया।

रविवार रात से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। जमशेदपुर, सिनी, गम्हरिया, चाईबासा, जगन्नाथपुर, चंपुआ, जैतगढ़, बड़बिल, जोड़ा तथा आसपास के कई क्षेत्रों से श्रद्धालु ट्रेन, निजी वाहनों और पैदल यात्रा कर बाबा मुर्गा महादेव के दरबार पहुंचे। मंदिर समिति के अनुसार पहली सोमवारी पर लगभग 10 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा मुर्गा महादेव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।

मुर्गा महादेव मंदिर से लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित धनेश्वर महादेव (बुढ़वा महादेव) मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया और पूरा क्षेत्र शिवभक्ति में डूबा रहा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई थी। पुलिस प्रशासन पूरे समय सुरक्षा व्यवस्था संभाले रहा। मंदिर समिति के स्वयंसेवकों के साथ विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता भी सेवा कार्य में तैनात रहे। पूरे मंदिर परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की गई।

इस वर्ष मुर्गा महादेव झरने में स्नान के लिए मंदिर के पुराने मुख्य द्वार से झरना जाने का नया रास्ता बनाया गया, जिससे श्रद्धालुओं को काफी सुविधा मिली। भक्त पहले झरने में स्नान कर सीधे कतार में लगकर बाबा का जलाभिषेक करते रहे। मंदिर परिसर के बाहर पूजा सामग्री, प्रसाद, खान-पान और अन्य दुकानों से मेले जैसा माहौल बना रहा। बच्चों के मनोरंजन के लिए बनाया गया पार्क भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। सुबह करीब 11 बजे के बाद धीरे-धीरे भीड़ कम होने लगी, लेकिन पूरे दिन श्रद्धालुओं का आना-जाना जारी रहा।

हालांकि बाबा के दर्शन कर श्रद्धालु काफी प्रसन्न नजर आए, लेकिन नोवामुंडी के जोजो कैंप से मुर्गा महादेव मंदिर तक जर्जर सड़क को लेकर उन्होंने नाराजगी भी जताई। विशेष रूप से मंदिर से करीब दो किलोमीटर पहले का मार्ग बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुका है, जिससे श्रद्धालुओं और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। श्रद्धालुओं ने बताया कि सावन से पहले कुछ गड्ढों में मिट्टी भरने और कुछ स्थानों पर सीमेंट-कंक्रीट का काम किया गया, लेकिन अधिकांश सड़क अब भी बदहाल है।
श्रद्धालुओं ने सवाल उठाया कि सावन की पहली सोमवारी जैसे बड़े धार्मिक आयोजन से पहले सड़क की पूरी तरह मरम्मत क्यों नहीं कराई गई। उनका कहना था कि इस क्षेत्र में कई बड़ी खनन कंपनियां वर्षों से खनन कार्य कर रही हैं, फिर भी सड़क की ऐसी स्थिति चिंता का विषय है। उन्होंने उड़ीसा प्रशासन और संबंधित खनन कंपनियों से अविलंब सड़क की मरम्मत कर श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने की मांग की।
खराब सड़क के बावजूद शिवभक्तों की आस्था अडिग रही। पूरे दिन “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से मुर्गा महादेव धाम गूंजता रहा और सावन की पहली सोमवारी श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुई।


वहीं, रिमझिम बारिश की फुहारों के बीच नोवामुंडी क्षेत्र भी पूरी तरह शिवमय नजर आया। नोवामुंडी बाजार शिव मंदिर, थाना शिव मंदिर, डीबीसी शिव मंदिर, आजाद बस्ती शिव मंदिर, मेरालगड़ा शिव मंदिर, मनसा मंदिर और कुमरीता शिव मंदिर सहित विभिन्न शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। पूरे दिन “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा।


