
नोवामुंडी संवाददाता, 16 सितंबर। विश्व ओजोन दिवस के अवसर पर नोवामुंडी प्रखंड क्षेत्र स्थित उच्च विद्यालय कोटगढ़ में बुधवार को शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। प्रधान शिक्षक हाथीराम मुंडारी के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को ओजोन परत के महत्व, उसके संरक्षण तथा पर्यावरण संतुलन के प्रति जागरूक करना था।इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के बीच निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने निबंध के माध्यम से बताया कि पृथ्वी के वायुमंडल में मौजूद ओजोन परत किस प्रकार सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों को रोककर मानव जीवन, पशु-पक्षियों और वनस्पतियों की रक्षा करती है। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि ओजोन परत को नुकसान पहुंचाने वाले रसायनों के उत्सर्जन को कम करना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।ओजोन दिवस के मौके पर विद्यार्थियों को बताया गया कि ओजोन (O₃) की परत मुख्य रूप से समताप मंडल (Stratosphere) में लगभग 15 से 35 किलोमीटर की ऊंचाई पर पाई जाती है। यह सूर्य की हानिकारक UV-B जैसी पराबैंगनी किरणों के बड़े हिस्से को अवशोषित कर पृथ्वी पर जीवन की रक्षा करती है। अत्यधिक UV विकिरण से त्वचा और आंखों को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ पौधों एवं समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।शिक्षकों ने विद्यार्थियों को बताया कि क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs), हैलोन और कुछ अन्य ओजोन-क्षयकारी पदार्थों के कारण अतीत में ओजोन परत को गंभीर क्षति पहुंची। इन पदार्थों को नियंत्रित करने के लिए दुनिया के देशों ने 1987 में मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल अपनाया, जिसे पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जाता है।इस वर्ष के संदेश “Global action for a cooler planet” (एक ठंडी और सुरक्षित पृथ्वी के लिए वैश्विक प्रयास) के माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास का संदेश दिया गया। शिक्षकों ने कहा कि पर्यावरण की चुनौतियां किसी एक देश या समाज तक सीमित नहीं हैं। जब पूरी दुनिया मिलकर प्रयास करती है, तो जलवायु परिवर्तन और ओजोन संरक्षण जैसी वैश्विक चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है।निबंध प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया। पुरस्कार वितरण के दौरान आयोजित प्रार्थना सभा को विज्ञान शिक्षिका बबिता कुमारी नायक, शकुंतला नायक तथा सामाजिक विज्ञान के शिक्षक बाणेश्वर नायक और रोयवारी केडाई ने संबोधित किया।कार्यक्रम में मो. यासीन, जानो पुरती, मोती पुरती, बेलस हबिल कुजूर, संदीप कुमार गोप, पारसमणी बेहरा, मो. मुस्तकीम, जयासिनी नायक सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
