
नोवामुंडी संवाददाता, 11 जून: नोवामुंडी प्रखंड क्षेत्र में बुधवार दोपहर आई तेज आंधी और बारिश ने एक गरीब परिवार के अरमानों पर कहर बरपा दिया। कादा जामदा पंचायत के सरबिल गांव टोला हुटूपसूड व.चातर साई निवासी गुरचरण दास के नव-निर्मित मिट्टी के मकान की एस्बेस्टस की पूरी छत तेज आंधी में उड़ गई। देखते ही देखते मेहनत-मजदूरी की कमाई से बनाया गया आशियाना बर्बादी के मंजर में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आंधी इतनी तेज थी कि छत में लगे 56 एस्बेस्टस शीट हवा के साथ काफी दूर तक जा गिरे। वहीं छत को सहारा देने वाले 16 लोहे के पाइप और एंगल भी उखड़कर इधर-उधर बिखर गए। कुछ ही मिनटों में पूरा घर खुले आसमान के नीचे आ गया।
घटना के समय गुरचरण दास और उनके परिवार के सदस्य उसी मकान के अंदर मौजूद थे और अपने काम में लगे हुए थे। गनीमत रही कि किसी भी व्यक्ति को कोई चोट नहीं लगी। यदि आंधी का प्रकोप थोड़ा और बढ़ जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। परिवार के सभी सदस्य इस भयावह घटना से सहमे हुए हैं। बारिश थमने के बाद जब गुरचरण दास ने अपने घर की हालत देखी तो उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने बताया कि वर्षों तक मेहनत-मजदूरी कर, एक-एक रुपया जोड़कर सिर छुपाने के लिए यह छोटा-सा आशियाना बनाया था। लेकिन प्रकृति की एक मार ने उनकी सारी मेहनत पर पानी फेर दिया।

भावुक गुरचरण दास ने कहा कि बहुत कठिनाई और मेहनत से यह घर बनाया था। सोचा था कि परिवार सुरक्षित रहेगा, लेकिन आज की आंधी-पानी ने सब कुछ उजाड़ दिया। हमारी छत छिन गई और अब परिवार के साथ कैसे रहेंगे, यही चिंता सता रही है। पीड़ित परिवार का कहना है कि

इस आपदा में लाखों रुपये मूल्य की छत और निर्माण सामग्री पूरी तरह बर्बाद हो गई है। अब उनके सामने रहने और परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित परिवार ने स्थानीय प्रशासन और समाजसेवियों से मुआवजे और तिरपाल आदि की अविलंब व्यवस्था करने की गुहार लगाई है, ताकि इस मौसम में वे अपने सिर को ढक सकें।
