
कांड्रा। दक्षिण पूर्व रेलवे चक्रधरपुर रेल मंडल के डीआरएम तरुण हुरिया ने बुधवार को कांड्रा जंक्शन का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्टेशन परिसर, यात्री सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और साफ-सफाई का बारीकी से जायजा लिया। डीआरएम के आने की खबर मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि, आंदोलनकारी और भारी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर स्टेशन पहुंच गए।
निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बात करते हुए डीआरएम तरुण हुरिया ने कांड्रा स्टेशन के भविष्य को लेकर बड़ा प्लान साझा करते हुए कहा कि हम कांड्रा को अपने डिवीजन का सबसे सुंदर और आधुनिक स्टेशन बनाना चाहते हैं। यहाँ तीसरी और चौथी लाइन का काम चल रहा है, जिससे प्लेटफॉर्म लंबे होंगे और लाइनों की संख्या बढ़ेगी। अगर रेलवे बोर्ड गाड़ियों के ठहराव को मंजूरी देता है, तो उससे पहले यात्रियों के लिए सुविधाएं तैयार होनी चाहिए। हम यहां लिफ्ट, नया वेटिंग रूम, ऑटो-टैक्सी स्टैंड और बस कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं विकसित कर रहे हैं। इसके साथ ही अंडरपास पुलिया निर्माण की समस्या पर भी मंथन चल रहा है और जल्द ही इसका समाधान होगा। दूसरी तरफ, कोरोना काल से बंद पड़ी ट्रेनों और विशेष रूप से टाटा-छपरा एक्सप्रेस के ठहराव को लेकर स्थानीय लोगों और नेताओं में गहरी नाराजगी दिखी। जिला महासचिव सह कार्यालय प्रभारी (कांग्रेस कमेटी) प्रकाश कुमार राजू और ग्रामीणों के लंबे आंदोलन व धरना-प्रदर्शन के बाद रेलवे ने हाल ही में 5 साल के लंबे इंतजार के बाद दो ट्रेनों का ठहराव तो बहाल किया है, लेकिन टाटा-छपरा एक्सप्रेस जैसी कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनें अभी भी कांड्रा को बाईपास कर रही हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। बताते चलें कि प्रकाश कुमार राजू ओर ग्रामीण के द्वारा पूर्व में कई बार कांड्रा जंक्शन में धरना प्रदर्शन किया जा चुका है और वे रेलवे जीएम को भी कई बार आवेदन दे चुके हैं। उनकी मांगों में मुख्य रूप से कोरोना काल से बंद पड़े टाटा-छपरा (अप-डाउन) के ठहराव के साथ-साथ नई ट्रेनों में धनबाद-स्वर्णरेखा एक्सप्रेस (अप-डाउन), टाटा-दानापुर एक्सप्रेस (अप-डाउन), टाटा-जम्मू तवी एक्सप्रेस (अप-डाउन), जलियांवाला बाग एक्सप्रेस (अप-डाउन), रांची-हावड़ा इंटरसिटी एक्सप्रेस (अप-डाउन) और हटिया-हावड़ा एक्सप्रेस (अप-डाउन) को कांड्रा स्टेशन पर रोकने की मांग शामिल है। इन महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव के लिए प्रकाश कुमार राजू पहले भी जोरदार आवाज उठा चुके हैं, पर अब तक रेलवे द्वारा सिर्फ आश्वासन ही मिला है।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने एक बार फिर डीआरएम को ज्ञापन सौंपकर इन सभी ट्रेनों के ठहराव की मांग की। इस पर प्रकाश कुमार राजू ने तंज कसते हुए कहा कि रेलवे केवल आश्वासन का झुनझुना थमा रही है, जिससे धरातल पर यात्रियों को कोई बड़ी राहत नहीं मिल रही है। इस मुद्दे पर डीआरएम तरुण हुरिया ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि ट्रेनों के स्टॉपेज को लेकर गेंद अब रेलवे बोर्ड के पाले में है और इसका प्रपोजल (प्रस्ताव) दिल्ली भेजा जा चुका है। रेलवे लगातार प्रयास कर रही है कि यहाँ गाड़ियों का स्टॉपेज बढ़े ताकि यात्रियों को फायदा हो और रेलवे के राजस्व में भी बढ़ोतरी हो सके।
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से चक्रधरपुर रेल मंडल के डीआरएम तरुण हुरिया के साथ सीनियर डीसीएम आदित्य कुमार चौधरी, कांड्रा के स्टेशन मास्टर विवेक कुमार और आरपीएफ प्रभारी अश्मित वर्मा मुख्य रूप से उपस्थित थे। वहीं सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता रखने के लिए आरपीएफ के जवान भी पूरे दलबल के साथ मुस्तैद रहे।
