
कांड्रा: आदिवासी साँवता सुसार आखड़ा, सरायकेला-खरसावां के तत्वावधान में रविवार को कांड्रा स्थित फॉरेस्ट गेस्ट हाउस (वन विश्रामागार) में ‘वीर सोड़े सह मिलन समारोह’ का भव्य आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक शामिल हुए. पूर्व मुख्यमंत्री सह स्थानीय विधायक चंपाई सोरेन ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जिनके आगमन से आयोजन समिति और उपस्थित ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा गया.
सुबह 11 बजे शुरू हुए इस समारोह के पहले चरण में समाज के सदस्यों ने आगामी 9 अगस्त को मनाए जाने वाले ‘विश्व आदिवासी दिवस’ के ऐतिहासिक आयोजन को लेकर विस्तृत मंथन किया. बैठक में कार्यक्रम की भव्य रूपरेखा, समाज की सक्रिय भागीदारी तथा आदिवासी संस्कृति, जल-जंगल-जमीन और परंपराओं के संरक्षण को लेकर गंभीर विचार-विमर्श किया गया.

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि चंपाई सोरेन ने कहा कि आदिवासी समाज की असली पहचान उसकी समृद्ध संस्कृति, विशिष्ट परंपराओं और अटूट सामाजिक एकता में निहित है. उन्होंने उपस्थित युवाओं से अपनी अनमोल सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और उसे पूरी मजबूती के साथ आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का पुरजोर आह्वान किया.

अपने संबोधन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने पेसा (PESA) कानून के विभिन्न प्रावधानों और आदिवासी क्षेत्रों में इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया. उन्होंने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने और जल, जंगल, जमीन जैसे स्थानीय संसाधनों पर समुदाय के पारंपरिक अधिकारों की रक्षा के लिए पेसा कानून का सही तरीके से अक्षरशः पालन किया जाना बेहद आवश्यक है. उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इसके प्रति जागरूक रहने और अपने संवैधानिक अधिकारों को गहराई से समझने की अपील की. चंपाई सोरेन ने आगे कहा कि समाज के लोगों को अपने अधिकारों और परंपराओं की रक्षा के लिए हमेशा संगठित होकर कार्य करना चाहिए, साथ ही शिक्षा और सामाजिक विकास के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ने की आवश्यकता है.
समारोह के दूसरे चरण में दोपहर दो बजे से पारंपरिक ‘वीर सोड़े जोम’ यानी सामूहिक वन भोज का भव्य आयोजन किया गया. इस दौरान कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों ने एक साथ बैठकर पारंपरिक भोजन ग्रहण किया और आपसी भाईचारे, प्रेम तथा सामाजिक एकजुटता का एक मजबूत संदेश दिया.
इस पूरे सफल कार्यक्रम का संचालन आदिवासी साँवता सुसार आखड़ा के जिला संयोजक एवं पूर्व प्रमुख राम दास टुडू के कुशल नेतृत्व में किया गया. सभी कार्यकर्ताओं के बेहतर प्रबंधन की बदौलत यह महा-मिलन समारोह बेहद सौहार्दपूर्ण और उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ.
