
कांड्रा (सरायकेला)। गुरुवार को सरायकेला जिले के कांड्रा में श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और बड़े भाई बलभद्र के साथ भव्य रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले। इस पावन अवसर पर पूरा कांड्रा क्षेत्र ‘जय जगन्नाथ’ के जयकारों से गूंज उठा और श्रद्धालु पूरी तरह से महाप्रभु की भक्ति में लीन नजर आए।
महाप्रभु की यह भव्य रथयात्रा कांड्रा के ग्राम प्रधान सुरेश महतो के आवास के समीप से बेहद विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ प्रारंभ हुई। यहाँ से शुरू होकर रथयात्रा पूरे नगर का भ्रमण करते हुए बाना डूंगरी स्थित जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। भगवान के दर्शन के लिए सड़क के दोनों ओर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा था। लोग रथयात्रा शुरू होने के करीब दो घंटे पहले से ही सड़कों पर कतारबद्ध होकर महाप्रभु की एक झलक पाने और रथ खींचने का इंतजार कर रहे थे।
इस धार्मिक महोत्सव का मुख्य आकर्षण पश्चिम बंगाल से आई 11 सदस्यीय कीर्तन मंडली रही, जिन्होंने भक्ति गीतों और संकीर्तन पर झूमते-नाचते हुए पूरी यात्रा को अत्यंत मनोरम और आध्यात्मिक बना दिया। इस दौरान रथयात्रा समिति के अध्यक्ष व समाजसेवी विजय महतो के नेतृत्व में श्रद्धालुओं के बीच बड़े पैमाने पर महाप्रसाद के रूप में खिचड़ी और खीर का वितरण किया गया।
समिति के अध्यक्ष विजय महतो ने बताया कि कांड्रा में रथयात्रा की यह पावन परंपरा कई दशकों से अनवरत चली आ रही है और यह समस्त क्षेत्रवासियों की अटूट आस्था व विश्वास का केंद्र है। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था और विधि-व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए कांड्रा थाना प्रभारी विनोद कुमार मुर्मू अपने पूरे दलबल के साथ रथयात्रा के दौरान मुस्तैद नजर आए, जिससे पूरी यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।इस भव्य आयोजन के अवसर पर मुख्य रूप से समाजसेवी विजय महतो, चंदन दे और काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित है
