
बड़ाजामदा/नोवामुंडी, पश्चिमी सिंहभूम (झारखंड):**बड़ाजामदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, रूता गुटू, नोवामुंडी में एक विशाल **मेगा रक्तदान शिविर** का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर का आयोजन *रक्त सेवा सदस्य ग्रुप* द्वारा झारखंड सरकार के सहयोग से किया गया।इस अवसर पर बड़ाजामदा, नोवामुंडी, किरीबुरू, बड़बिल एवं चाईबासा क्षेत्र से बड़ी संख्या में रक्तदाता उपस्थित हुए और स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कुल **27 रक्तदाताओं** ने रक्तदान किया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि **डॉ. जुझार माझी (सिविल सर्जन सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, पश्चिमी सिंहभूम)** ने सभी रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने रक्त सेवा सदस्य ग्रुप की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था झारखंड में जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में उत्कृष्ट कार्य कर रही है। उन्होंने संस्थापक **श्री संतोष पंडा** के प्रयासों की भी प्रशंसा की।इस अवसर पर *रक्त सेवा सदस्य ग्रुप* के संस्थापक श्री संतोष पंडा ने बताया कि संस्था वर्तमान में झारखंड एवं ओडिशा में **16 शाखाओं और 9535 सदस्यों** के साथ सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रत्येक प्रखंड में शाखा स्थापित कर अधिक से अधिक युवाओं को रक्तदान से जोड़ना उनका लक्ष्य है।उन्होंने यह भी कहा कि संस्था का उद्देश्य है कि किसी भी मरीज को रक्त के अभाव में अस्पताल से वापस न लौटना पड़े तथा रक्तदाताओं को समाज में उचित सम्मान मिले।—### **विशेष सम्मान**इस शिविर में कई समर्पित रक्तदाताओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया:* **जावेद आलम (बड़बिल)** – 76 बार रक्तदान करने पर विशेष सम्मान* **अनवर खान एवं बबलू झा (नोवामुंडी)** – लाइफटाइम डोनर अवार्ड* **59 वर्षीय वरिष्ठ रक्तदाता (बड़बिल)** –कश्मीरी सिंह * *लीजेंड डोनर सम्मान* * **फिरोज हुसैन (नोवामुंडी)** – लीजेंड डोनर सम्मान* **विश्वकर्मा दास (नोवामुंडी)** – डायमंड डोनर सम्मान* **अरबिंद साहू (बड़बिल)** – डायमंड डोनर सम्मानएक प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में **फिरोज प्रसाद** अपनी 19 वर्षीय पुत्री **अर्चिका प्रसाद** के साथ रक्तदान करने पहुंचे। अर्चिका ने पहले कम हीमोग्लोबिन के कारण रक्तदान नहीं कर पाई थीं, लेकिन उन्होंने संकल्प लेकर स्वास्थ्य सुधार किया और इस बार सफलतापूर्वक रक्तदान किया।इसके अलावा **सोनी कौर एवं जेमा चोटोंबा** रक्तदान नहीं कर पाने के बावजूद कठिन परिस्थितियों में शिविर तक पहुंचीं, जिनकी संस्था द्वारा विशेष सराहना की गई। रक्तदान शिविर न केवल मानवता की सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बना, बल्कि समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी रक्तदाताओं को झारखंड सरकार की ओर से प्रमाण पत्र तथा *रक्त सेवा सदस्य ग्रुप* की ओर से मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।मुख्य कुछ बाते रक्त सेवा सदस्य ग्रुप ने किया ऐसे रक्त दाताओं को सम्मानित 1-हमारे क्षेत्र की ऑन रिकॉर्ड डॉक्यूमेंट आधार पर 76 टाइम्स रक्त दान किए रक्त दाता बड़बिल निवासी जावेद आलम को सम्मानित किया गया 2- पुराने जमाने में जब खाते पे डोनर का नाम लिखकर ब्लड डोनेशन ग्रुप चलने वाले ओर खुद भी अनेक बार रक्त दान किए रक्त दाता नोवामुंडी निवासी अनवर खान एवं बबलू झा को लाइफ टाईम डोनर अवार्ड से सम्मानित किया गया 4- बड़बिल निवासी बुजुर्ग रक्त दाता उमर 59 साल को लगातार रक्त करने हेतु लीजेंड डोनर सम्मान से सम्मानित किया गया5- नोवामुंडी निवासी फिरोज हुसैन को ता उम्र रक्त दान हेतु लीजेंड डोनर सम्मान से सम्मानित किया गया6-अपना जीवन में अनेक वर्षों से लगातार रक्त दान करने हेतु नोवामुंडी निवासी विश्वकर्मा दास को डायमंड डोनर सम्मान से सम्मानित किया गया 7-अनेक वर्षों से लगातार रक्त दान करने हेतु बड़बिल निवासी अरबिंद साहू को डायमंड डोनर सम्मान से सम्मानित किया गया8- नोवामुंडी निवासी एक पिता फिरोज प्रसाद ने खुद अपने बेटी के साथ लाकर रक्त दान किया ओर पिता के साथ उस 19 साल की बेटी अर्चिका प्रसाद ने ब्लड दिया l आर्चिका ने इससे पहले भी रक्त सेवा सदस्य ग्रुप में कई बार रक्त दान करने आए थे पर हीमोग्लोबिन कम होने के कारण नहीं दे पाए थे पर उन्होंने प्रण लिया ओर स्वास्थ्य में सुधार लाए ओर रक्त दान करने में सफल हुए
