
नोवामुंडी, 29 जुलाई 2026। पद्मावती जैन सरस्वती शिशु मंदिर, नोवामुंडी में गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रेरणा समिति की माननीय अध्यक्ष श्रीमती मधुस्मिता जैना, विद्यालय प्रबंध समिति के पूर्व सचिव रामस्वरुप पोद्दार, नोवामुण्डी इंटर काॅलेज के माननीय प्रधानाचार्य श्रीमान मनोजीत बिस्वास, सेंट मेरी विद्यालय की प्रधानाचार्या सिस्टर करुणा, टाटा डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल नोवामुण्डी की प्रधानाचार्या श्रीमती शशिकला के करकमलों से परम पूजनीय वेदव्यास जी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित, माल्यार्पण एवं पुष्पार्चन कर हुआ।

इस कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के आचार्य बंधु भगिनी भी उपस्थित हुए। पी.ए.बी.एम नोवामुण्डी विद्यालय से आचार्य रशानम बारीक, सेंट मेरी नोवामुण्डी विद्यालय से प्रभारी प्राचार्य सिस्टर रेनिट एवं अनामिका, वेल्डन फ्यूचर बड़ा जामदा विद्यालय से साहुनी बर्मन एवं सोनाली बोस उपस्थित रहे।इस अवसर पर भैया बहनों ने गुरु वंदना, संस्कृत श्लोक, गीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने गुरुजनों के प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम का मंच संचालन बहन आराध्या ठाकुर एवं बहन संध्या कुमारी ने किया।बहन जोसबिन लागुरी एवं बहन आकांक्षा ठाकुर द्वारा वेदव्यास जी का जीवन परिचय प्रस्तुत किया गया।


गुरु शिष्य पर आधारित गुरु धौम्य एवं शिष्य आरुणि की एक लघु नाटिका प्रस्तुत की गई।स्थानीय विद्यालय के प्रधानाचार्या श्रीमती सीमा पालित गुरु मां ने कार्यक्रम की प्रस्तावना एवं अतिथि परिचय प्रस्तुत किया।इसके पश्चात् इंटर काॅलेज के प्राचार्य मनोजित बिस्वास ने गुरु पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। गुरु ही अपने ज्ञान, संस्कार एवं मार्गदर्शन से शिष्य के जीवन को प्रकाशित करते हैं। इसके पश्चात् मुख्य अतिथि श्रीमती मधुस्मिता जैना ने भैया बहनों को मार्गदर्शन देते हुए कहा कि विद्यार्थी अपने माता-पिता की आज्ञा का पालन करें। अच्छी शिक्षा ग्रहण करें एवं संस्कारित बनें।

हमारे गुरु स्वरुप रामस्वरुप पोद्दार जी ने भैया बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि अपने गुरुजनों का सदैव आदर करें एवं उनकी आज्ञा का पालन करें। इसके पश्चात् विद्यालय प्रबंध समिति के माननीय अध्यक्ष श्रीमान सुनील कुमार सिंह ने आशीष वचन दिया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को महर्षि वेदव्यास के जीवन एवं गुरु-शिष्य परंपरा के आदर्शों से परिचित कराया गया तथा सभी से जीवन में अनुशासन, संस्कार, सेवा और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर चलने का आह्वान किया गया।इस अवसर पर विद्यालय परिवार के सभी आचार्य, कर्मचारीगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन शांति मंत्र के साथ हुआ।
