
जमशेदपुर 12 सितंबर
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित होने वाला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत की आर्थिक प्रगति के लिए एक ऐतिहासिक अवसर सिद्ध होगा और व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी सहयोग तथा वैश्विक बाजारों तक पहुँच के नए द्वार खोलेगा। यह बात चांदनी चौक से सांसद एवं कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के महासचिव प्रवीन खंडेलवाल और संयुक्त महामंत्री सुरेश सोंथालिया ने संयुक्त रूप से कही।
खंडेलवाल और सोंथालिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले वर्षों में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है तथा भारत को उभरती अर्थव्यवस्थाओं की एक सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में स्थापित किया है। ब्रिक्स मंच भारत के लिए इस बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता को व्यापारियों, एमएसएमई, स्टार्टअप, निर्माताओं और निर्यातकों के लिए ठोस आर्थिक अवसरों में बदलने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।
उन्होंने ब्रिक्स देशों के बीच व्यापारिक सहयोग को संस्थागत स्वरूप देने के लिए “ब्रिक्स ट्रेड कनेक्ट मिशन” की स्थापना का प्रस्ताव रखा। यह मिशन भारतीय उद्यमों को ब्रिक्स देशों के बाजारों से जोड़ने, व्यापारिक साझेदारियाँ विकसित करने, निर्यात अवसरों की पहचान करने, बाजार संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने, लॉजिस्टिक सहयोग प्रदान करने तथा विभिन्न क्षेत्रों में व्यावसायिक सहयोग को बढ़ावा देने का कार्य कर सकता है।
कैट के चेयरमैन बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि वस्त्र, औषधि, इंजीनियरिंग उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल,हस्तशिल्प, उपभोक्ता वस्तुएँ, सेवाएँ तथा डिजिटल वाणिज्य जैसे क्षेत्रों को ब्रिक्स सहयोग के विस्तार से विशेष लाभ मिल सकता है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के पुनर्गठन के दौर में भारत विनिर्माण, सोर्सिंग और निवेश के लिए एक पसंदीदा केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है।
सोंथालिया ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को वैश्विक आर्थिक विमर्श में केवल सहभागी राष्ट्र से आगे बढ़ाकर एक ऐसा देश बनाया है जो वैश्विक आर्थिक दिशा निर्धारित करने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। ब्रिक्स भारत को अधिक संतुलित, समावेशी और न्यायसंगत वैश्विक आर्थिक व्यवस्था के निर्माण में अपनी भूमिका को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है।”
कैट के भरत वसानी ने कहा कि डिजिटल भुगतान, फिनटेक, नवाचार, लॉजिस्टिक्स, अवसंरचना, व्यापार सुगमता और वित्तीय एकीकरण जैसे क्षेत्रों में ब्रिक्स देशों के बीच गहन सहयोग से सीमा-पार व्यापार को नई गति मिलेगी तथा व्यवसाय करने की लागत और जटिलताओं में कमी आएगी।
कैट के किशोर गोलेच्छा ने कहा कि भारतीय व्यापारिक समुदाय को इस शिखर सम्मेलन से बड़ी उम्मीदें हैं और यह सम्मेलन निर्यात, निवेश तथा उद्यमिता के नए अवसर सृजित करेगा। ब्रिक्स देशों के साथ मजबूत आर्थिक सहभागिता विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और भारत को वैश्विक आर्थिक विकास का प्रमुख प्रेरक बनाने में सहायक होगी।
सोंथालिया ने कहा, “भारत की उद्यमशीलता क्षमता, मजबूत विनिर्माण आधार, तकनीकी नवाचार और विशाल घरेलू बाजार उसे ब्रिक्स समूह में एक विशिष्ट स्थान प्रदान करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के गतिशील नेतृत्व में भारत इस मंच का उपयोग आर्थिक समृद्धि के नए मार्ग खोलने, वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करने और भारतीय उद्यमों की वैश्विक उपस्थिति का विस्तार करने के लिए कर सकता है।”
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के परिणाम भारत की आर्थिक नेतृत्व क्षमता को और सुदृढ़ करेंगे तथा ब्रिक्स देशों के बीच नए व्यापारिक गलियारों और साझेदारियों का निर्माण करेंगे, जिससे देश के करोड़ों व्यापारियों, एमएसएमई इकाइयों और उद्यमियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
