

पूर्व झामुमो जिला अध्यक्ष रंजीत प्रधान समेत अन्य 4 सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोपियों को सरायकेला सीजेएम कोर्ट ने शुक्रवार को बरी कर दिया है। इन पर वर्ष 2017 में तत्कालीन भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप लगे थे। सरायकेला कोर्ट की सीजीएम मंजू कुमारी की अदालत ने सभी आरोपियों को उक्त मामले में बरी किया है। इसमें झामुमो के पूर्व जिला अध्यक्ष रंजीत प्रधान, झामुमो नेता महेश्वर महतो, आदित्यपुर नगर अध्यक्ष दीपक मंडल, भुंडा बेसरा, महिला नेत्री रेशमी मुर्मू को सरायकेला पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने के आरोपी बना आदित्यपुर थाने में मामला दर्ज कराई थी। बरी होने के बाद पूर्व जिला अध्यक्ष रंजीत प्रधान ने कहा है कि भाजपा सरकार में उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश रची गई थी। उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा था। बता दें कि गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत हथियाडीह गांव में औद्योगीकरण को लेकर विस्थापितों को हटाए जाने के मामले में तत्कालीन झामुमो जिला अध्यक्ष सैकड़ों समर्थकों के साथ सरायकेला न्यायालय जा रहे थे। उन्हें रास्ते में रोके जाने के बाद मामला दर्ज कराई गई थी। इस मामले में पूर्व जिला अध्यक्ष को जेल भी जानी पड़ी थी।
