
ज्ञात हो कि राज्य सरकार के द्वारा ओलचिकी लिपि को मान्यता न देकर देवनागरी लिपि मे प्राथमिक स्तर का पुस्तक छापा जा रहा है ओलचिकी हुल बैसी के द्वारा वर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से ओलचिकी लिपि मे प्राथमिक स्तर का पुस्तक छापने का अनुरोध किया गया परन्तु इस अनुरोध को नहीं माना गया रमेश हांसदा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने ओलचिकी को मान्यता देकर शिक्षक की बहाली शुरू कर दी गयी थी परंतु हेमंत सोरेन ने इसे बंद कर दिया इसी के तहत आज राजनगर में बैठक कर यह निर्णय लिया गया जिसमें जिला अध्यक्ष सीताराम हांसदा बोकारो जिला अध्यक्ष दुर्गा टुडू केंद्रीय सचिव दुखी सामंत सिविल देवगम चतुर हेंब्रम जयपाल मुर्मू आदि मौजूद थे
