प्रतिनिधि:: रति रंजन

सरायकेला छऊ की उज्जवल भविष्य को लेकर संजोये गए सपने को साकार रूप देना ही कुंअर साहब के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी – मनोज चौधरी
सरायकेला :: सरायकेला आधुनिक छऊ नृत्य शैली के जनक सह छऊ पुरोधा स्वर्गीय कुंअर विजय प्रताप सिंहदेव जी की १२८वी जयंती सरायकेला के विभिन्न छऊ केन्द्र और कुछ विद्यालयों में मनाया गया। शाम के समय जेलरोड़ स्थित बजरंगबली मंदिर के पास प्रांगण में सरायकेला छऊ आर्टिस्ट एसोसिएशन में छऊ प्रेमी और छऊ कलाकारों के द्वारा एक जयंती सभा कार्यक्रम आयोजित हुआ. एसोसिएशन की अध्यक्ष श्री भोलानाथ महांति जी की अध्यक्षता में सबसे पहले ओड़िशा के बालासोर जिले में हुई ट्रेन एक्सीडेंट में हुए

बालासोर में हुए रेल दुर्घटना में मृतक पुण्यात्माओं की शांति हेतु मौन रखते हुए
मृतकों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया फिर सभा का शुभारंभ हुआ.सभी सदस्यों ने कुंअर विजय प्रताप सिंह देव जी की तेल्यचित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और कुंअर विजय प्रताप सिंह देव जी का सरायकेला छऊ के प्रति अवदान के बारे में अपना उद्गार व्यक्त किए एसोसिएशन के सचिव श्री सुदीप कवि जी ने बताया कि हमें कुंअर साहब के स्मृति में सरायकेला की किसी मुख्य जगह पर एक भव्य प्रतिमा की स्थापन करने के लिए प्रयास करना चाहिए छऊ के जानकार और वरिष्ठ कलाकार अधिवक्ता श्री रजत पटनायक जी ने कुंअर साहब की सरायकेला छऊ नृत्य के प्रति अवदान के बारे में सभा को वृहत जानकारी दी। एसोसिएशन के संरक्षक व नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष श्री मनोज चौधरी जी ने बताया कि कुंअर साहब के द्वारा सरायकेला छऊ की उज्जवल भविष्य के बारे में देखा गया सपना को पूरा करने में सभी कलाकारों के बीच एकता और विचारों के आदान-प्रदान के ज़रिए हम उस सपना को अमलीजामा पहना सकते हैं और यही कुंअर साहब के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस जयंती सभा में कुछ नन्हें कलाकारों की उपस्थिति सभा कार्यक्रम में चार चांद लगा दिया।इस सभा में सरायकेला छऊ से जुड़े अनेकों कलाकारों का सामिल होना एक विशेष आकर्षण बन गया।अंत में युवा कलाकार श्री रूपेश साहू जी के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया।मौके पर उपरोक्त के अलावा एसएनए अवॉर्डी गुरु बृजेंद्र पटनायक गुरु मनोरंजन साहू सुरश्री सुधांशु शेखर पानी वरीय मुखौटा कलाकार सुशांत महापात्र वरीय कलाकार रूपेश साहू गणेश परीक्षा सतीश मोदक वरीय संगीतकार संगीतकार सुनील दुबे सुमित महापात्र राकेश कवि बाउरी बंधु महतो अविनाश कवि गजेंद्र महंती टुना सामल असित पटनायक आध्यापदो साहू सनत साहू टिकेन पटनायक पटम मुखी विजय दारोगा रवि मोदक विनोद महतो एवं काफी संख्या में छऊ कलाप्रेमी मौजूद रहे।
