
सरायकेला। आदिवासी उरांव समाज समिति, सरायकेला-खरसावां के तत्वावधान में भादो मास की एकादशी के अवसर पर करमा पूजा महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान उरांव समाज सहित विभिन्न समाज के लोगों ने विधि-विधान से करम देवता की पूजा-अर्चना कर सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।करमा पूजा जनजातीय लोकजीवन और समृद्ध संस्कृति का महत्वपूर्ण पर्व है।

इसे प्रकृति की उपासना के साथ-साथ भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का प्रतीक माना जाता है।करमा पूजा के अवसर पर 22 और 23 सितंबर को जिले के सभी शिक्षण संस्थान बंद रहे। जिले के कुदरसाई, तितिरबिला, गुड़ियाडीह, बड़बिल, पठानमारा, बड़ाथोलको, सीनी के महादेवपुर, मोहितपुर, स्वर्णपुर, पदमपुर, कृष्णापुर, जोड़डीहा, मौसोडीह, घोड़ा चौक, दुगनी, खरसावां, महालिमोरूप, चिलकू सहित विभिन्न गांवों और क्षेत्रों में श्रद्धा व उत्साह के साथ करमा पूजा मनाई गई। पूजा के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ, जिसमें समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
