
पद्मावती जैन सरस्वती शिशु मंदिर, नोवामुंडी में महाकवि गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय में विभिन्न सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ स्थानीय विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती सीमा पालित गुरु माँ द्वारा गोस्वामी तुलसीदास जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन, माल्यार्पण एवं पुष्पार्चन के साथ हुआ। बहन सिया पान ने तुलसीदास जी के जीवन, व्यक्तित्व एवं उनके अमर ग्रंथ रामचरितमानस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने की बात कही।तुलसी जयंती के अवसर पर दोहा वाचन, रामचरितमानस पाठ, भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने तुलसीदास जी की रचनाओं का सुंदर एवं भावपूर्ण प्रस्तुतीकरण कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इसके पश्चात् विद्या भारती के तत्वाधान में तुलसी जयंती के अवसर पर विद्यालय में कक्षा द्वितीय एवं तृतीय की सुलेख प्रतियोगिता कक्षा चतुर्थ एवं पंचम की कला प्रतियोगिता एवं कक्षा षष्ठ से दशम तक की निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई।
विद्यालय की प्रधानाचार्या गुरु मां ने अपने उद्बोधन में कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी ने भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं भक्ति परम्परा को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य किया। उनके साहित्य से हमें सदाचार, कर्तव्यनिष्ठा एवं मानवता की प्रेरणा मिलती है।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया गया तथा शांति मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
