
कांड्रा, 18 अगस्त। कांड्रा बस्ती बांधकुली में आज मंगलवार को मां मनसा पूजा को लेकर भव्य धार्मिक आयोजन होगा। क्षेत्र में मां मनसा की पूजा-अर्चना की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कैलाश महतो, श्याम कालिंदी, आनंद रजक, प्रदीप गोराई, राशु दास, विष्णु गोराई समेत आसपास के कई घरों में मां मनसा की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा की जाएगी।
बताया जाता है कि मां मनसा को सर्पों की देवी के रूप में पूजा जाता है। कांड्रा बस्ती बांधकुली में घर-घर मां मनसा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना करने की परंपरा कई दशकों से चली आ रही है। इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल बना हुआ है।
पश्चिम बंगाल से पहुंचे कारीगर, प्रतिमा को दे रहे अंतिम रूप
कैलाश गोराई के घर स्थापित मां मनसा की प्रतिमा को आकर्षक रूप देने के लिए पश्चिम बंगाल के कांथी गांव से पहुंचे कारीगर पंचानंद दास और पोथू सेट अंतिम रूप देने में जुटे हैं। कारीगरों द्वारा प्रतिमा की साज-सज्जा और रंग-रोगन का कार्य पूरा किया जा रहा है।
छोटा तालाब से लाया जाएगा कलश
पूजा के दौरान कलश के रूप में घट छोटा तालाब से लाया जाएगा। मंगलवार शाम मां मनसा की विधिवत पूजा-अर्चना की जाएगी। वहीं बुधवार की भोर करीब चार बजे बलि की रस्म अदा की जाएगी।
पूजा को लेकर आयोजकों और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। शाम होते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मां मनसा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचने की संभावना है। पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास का माहौल है।
दशकों पुरानी परंपरा आज भी कायम
कांड्रा बस्ती बांधकुली में अपने-अपने घरों में मां मनसा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा करने की परंपरा वर्षों पुरानी है। बदलते समय के बावजूद ग्रामीणों ने इस धार्मिक परंपरा को आज भी जीवंत रखा है। पूजा के दौरान आसपास के गांवों से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने से क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिलेगा। मौके पर मुख्य रूप से अक्षय गोराई, चन्दन कुमार दे, मधु गोराई समय काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे
