
प्रतिनिधि, नोवामुंडी। नोवामुंडी में गुरुवार को हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। सुबह से लगातार हुई तेज बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। सड़क, स्कूल, अस्पताल और रेलवे परिसर भारी जलजमाव की चपेट में रहे, जबकि कई घरों में बारिश और नाली का पानी घुस गया।नोवामुंडी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा रुता गुट्टू स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में बारिश का पानी घुस गया।


अस्पताल परिसर में पानी भरने से मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी हुई। कोल्हान हाटिंग, मध्य विद्यालय नोवामुंडी बाजार, स्टेशन रोड, सरस्वती शिशु मंदिर जाने वाला मुख्य मार्ग, रेलवे स्टेशन परिसर, रेलवे फाटक से मध्य विद्यालय जाने वाला रास्ता और कुम्हार टोली जाने वाले मुख्य मार्ग पर भारी जलजमाव रहा।मां मनसा मंदिर टोला में भी घुसा पानी: भारी बारिश से मां मनसा मंदिर टोला के कई ग्रामीणों के घरों में पानी घुस गया। घरों में पानी भर जाने से लोगों को घरेलू सामान और जरूरी सामग्री सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।

अचानक जलजमाव से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई।नोवामुंडी बाजार चौक में भी घर जलमग्न: नोवामुंडी बाजार चौक स्थित पाल बुक स्टोर के घर में भी बारिश का पानी घुस गया। घर में पानी भरने से परिवार को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बाजार चौक के आसपास जलजमाव के कारण लोगों का आवागमन भी प्रभावित रहा।कई घरों में घुसा पानी, सामान बर्बाद: लखन साईं में मोहन बारजो और किशोर बारजो के घर में पानी घुसने से चावल समेत खाने-पीने की सामग्री को नुकसान पहुंचा। वहीं कोलनहाटिंग में रूपा गोप के घर में नाली का पानी घुसने से काफी सामान बर्बाद हो गया।

लोगों को घरों से पानी निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।तेज बहाव में टूटी पुलिया की रेलिंग: पचाई साईं उरांव टोला से पाड़ा पहाड़ जाने वाले मुख्य मार्ग की पुलिया के ऊपर से तेज पानी बहने लगा। दोपहर करीब तीन बजे तक पानी के तेज बहाव से पुलिया की रेलिंग टूटकर करीब 10 फीट आगे खिसक गई। देर शाम तक ग्रामीण पुलिया को ठीक करने में जुटे रहे। पानी की तेज धार के कारण पैदल राहगीरों और बाइक चालकों को आवागमन में काफी परेशानी हुई।तीन से चार फीट पानी के बीच स्कूल पहुंचे बच्चे: भारी बारिश से स्कूली बच्चों को भी परेशानी हुई।


सरस्वती शिशु मंदिर और सेंट मैरी स्कूल की प्राचार्य ने सुबह ही अभिभावकों के मोबाइल पर संदेश भेजकर नर्सरी से कक्षा पांच तक के बच्चों की छुट्टी की सूचना दे दी थी। हालांकि कक्षा छह से दस तक की कक्षाएं जारी रहीं। सरस्वती शिशु मंदिर जाने वाले मुख्य मार्ग पर तीन से चार फीट पानी बह रहा था। इसके बावजूद कई बच्चे पानी के बीच से स्कूल पहुंचे। लता के समीप पेट्रोल पंप जाने वाला मार्ग भी जलमग्न रहा।बिजली गुल, पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित: बारिश के साथ बिजली की आंख-मिचौली सुबह से देर शाम तक जारी रही।

बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से ग्रामीण जलापूर्ति समिति की सप्लाई भी बाधित हुई। इससे कई इलाकों में लोगों को पीने के पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ी।लाल पुलिया में भी पानी का स्तर काफी बढ़ गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश जारी रहती तो लाल पुलिया के डूबने की स्थिति बन सकती थी।

भारी बारिश के कारण नोवामुंडी बाजार और बस स्टैंड में सन्नाटा पसरा रहा। कारोबार और यात्री आवागमन भी काफी प्रभावित हुआ। लगातार बारिश ने एक बार फिर नोवामुंडी की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी।
