
झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा), रांची के निर्देश एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), पश्चिमी सिंहभूम मौहम्मद शाकिर के मार्गदर्शन में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, नोवामुंडी में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विद्यालय की छात्राओं, शिक्षकों, अभिभावकों एवं शिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महिला थाना प्रभारी बिनीता कुमारी ने बाल विवाह, डायन प्रथा एवं डायन हत्या, बाल तस्करी, साइबर अपराध, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या या अपराध की स्थिति में पुलिस और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता एवं आवश्यक सहयोग प्राप्त किया जा सकता है।

शिविर का सबसे प्रभावशाली हिस्सा ओपन डिस्कशन रहा। इस दौरान छात्राओं और अभिभावकों ने कानून, सुरक्षा, साइबर अपराध और अपने अधिकारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे। महिला थाना प्रभारी ने सभी सवालों के सरल, व्यावहारिक और स्पष्ट जवाब दिए, जिससे उपस्थित लोगों की शंकाओं का समाधान हुआ और कानूनी जागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।अभिभावकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता शिविर बच्चों के सुरक्षित और सशक्त भविष्य के लिए बेहद आवश्यक हैं।

उन्होंने कहा कि डीएलएसए के माध्यम से उन्हें कानून, अपने अधिकारों तथा सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी मिली। साथ ही उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाने की मांग की।कार्यक्रम का संचालन डालसा पीएलवी प्रमिला पात्रों ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय की प्रधानाध्यापिका पद्मिनी तियु ने किया। इस अवसर पर डालसा पीएलवी विनीता शांडिल् सहित विद्यालय की शिक्षिकाएं भी उपस्थित रहीं।
