
सरायकेला, 18 अगस्त। सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां प्रखंड अंतर्गत संतारी गांव में सोमवार रात जहरीले सांप के काटने से दो बच्चों की मौत हो गई। सर्पदंश के बाद परिजन दोनों बच्चों को गंभीर अवस्था में सदर अस्पताल सरायकेला लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने शिवा जोंकों (11) और सीमा जोंकों (13) को मृत घोषित कर दिया।परिजनों एवं ग्रामीणों के अनुसार, सर्पदंश के बाद बच्चों को तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय पहले झाड़-फूंक के लिए ले जाया गया। इस कारण अस्पताल पहुंचने में काफी विलंब हुआ। बताया गया कि सर्पदंश के बाद दोनों बच्चे बेहोश हो गए थे। स्थानीय स्तर पर उपचार के कारण उनकी स्थिति गंभीर होती चली गई। घटना की जानकारी मिलने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), सरायकेला-खरसावां के सचिव तौसीफ मेराज सदर अस्पताल पहुंचे और मृत बच्चों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने सरकार की लागू आपदा प्रबंधन योजना के तहत मिलने वाली सहायता के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने की जानकारी भी परिजनों को दी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामाशंकर सिंह के मार्गदर्शन में सर्पदंश की रोकथाम, तत्काल चिकित्सा उपचार और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। यह अभियान NALSA के मानव-वन्यजीव संघर्ष (Human-Wildlife Conflict) से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम के तहत जिला प्रशासन के समन्वय से संचालित किया जाएगा। अभियान के माध्यम से ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों के लोगों को सर्पदंश के प्रति जागरूक किया जाएगा।
डीएलएसए की ओर से लोगों को संदेश दिया जाएगा कि सर्पदंश एक गंभीर चिकित्सीय आपात स्थिति है। ऐसी स्थिति में झाड़-फूंक या अंधविश्वास के चक्कर में समय गंवाने के बजाय पीड़ित को बिना किसी देरी के निकटतम अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र ले जाना चाहिए। जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए ग्रामीणों को समय पर चिकित्सा सहायता लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
