
जमशेदपुर। शहर के न्यू केबल टाउन निवासी अंकित शर्मा ने 17वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 218वीं रैंक प्राप्त की है। इस उपलब्धि के साथ उनका चयन एसडीएम (उप समाहर्ता) पद के लिए हुआ है। अंकित की सफलता से परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।28 वर्षीय अंकित शर्मा ने यह सफलता अपने दूसरे प्रयास में हासिल की है। उन्होंने बिना किसी कोचिंग संस्थान की मदद लिए स्व-अध्ययन के बल पर यह मुकाम प्राप्त किया।

परीक्षा की तैयारी के दौरान वे प्रतिदिन 12 से 14 घंटे तक अध्ययन करते थे। उनका मानना है कि निरंतरता, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।अंकित के पिता स्वर्गीय परमेश्वर शर्मा रसायन विज्ञान के शिक्षक थे। 16 जनवरी 2026 को उनके निधन के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था, लेकिन अंकित ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने अपने पिता के सपनों को ही अपनी प्रेरणा बनाया और पूरी लगन के साथ तैयारी जारी रखी।

आज उनकी सफलता को परिवार पिता के सपने के साकार होने के रूप में देख रहा है।अंकित की स्कूली शिक्षा मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल, साकची से हुई। इसके बाद उन्होंने मुसाबनी इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 2021 में स्नातक की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने डेटा एनालिस्ट के रूप में काम किया। वर्ष 2022 से 2023 तक वे वर्क फ्रॉम होम के तहत इस क्षेत्र में कार्यरत रहे।नौकरी के अनुभव के बाद उन्होंने पूरी तरह से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर ध्यान केंद्रित किया। इस दौरान उन्होंने “कैवल्य पीसीएस” नाम से ऑनलाइन शिक्षण कार्य भी शुरू किया और घर से ही विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देने लगे। पढ़ाने और स्वयं की तैयारी के बीच संतुलन बनाते हुए उन्होंने अपने लक्ष्य को हासिल किया।बीपीएससी परीक्षा में अंकित ने इतिहास विषय को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना था। उनका कहना है कि इतिहास के प्रति उनकी रुचि ने तैयारी को आसान बनाया।

पिता स्वर्गीय परमेश्वर शर्मा
उन्होंने इंटरनेट, पुस्तकों और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों की मदद से अपनी रणनीति तैयार की और उसी पर लगातार काम किया।अंकित अपनी सफलता का सबसे बड़ा श्रेय अपनी माता इंदु शर्मा और बहन प्रियंका शर्मा को देते हैं। उनका कहना है कि कठिन परिस्थितियों में परिवार ने हमेशा उनका मनोबल बढ़ाया। परिवार के सहयोग और विश्वास ने उन्हें आगे बढ़ने की शक्ति दी।मूल रूप से बिहार के सिवान जिले के महमूदपुर निवासी अंकित शर्मा अपने परिवार और रिश्तेदारी में पहले ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने प्रशासनिक सेवा में अधिकारी का पद हासिल किया है। उनकी उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।अपनी सफलता पर अंकित शर्मा ने कहा कि जीवन में कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। यदि व्यक्ति पूरी ईमानदारी, मेहनत और धैर्य के साथ प्रयास करे तो सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि जो भी कार्य करें, उसे पूरी निष्ठा और 100 प्रतिशत ईमानदारी के साथ करें, परिणाम निश्चित रूप से सकारात्मक मिलेगा।
