
कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफे की घोषणा के बाद जिले के कद्दावर और वरिष्ठ नेता कालीपद सोरेन उर्फ केपी सोरेन का मंगलवार को कांड्रा पहुँचने पर ऐतिहासिक स्वागत किया गया। तीन बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके केपी सोरेन जैसे ही कांड्रा की धरती पर पहुँचे, वहाँ पहले से मौजूद सैकड़ों समर्थकों और स्थानीय लोगों ने उन्हें घेर लिया। कार्यकर्ताओं ने भारी उत्साह के बीच उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया और उनके समर्थन में जमकर नारेबाजी की।
गौरतलब है कि जिले की राजनीति में मंगलवार को उस वक्त बड़ा भूचाल आ गया था, जब लंबे समय से कांग्रेस संगठन में उपेक्षा का आरोप झेल रहे वरिष्ठ नेता केपी सोरेन ने पार्टी से नाता तोड़ने का एलान कर दिया। इस बड़े राजनीतिक फैसले के तुरंत बाद वे कार्यकर्ताओं का मूड भांपने और जनता के बीच संवाद करने कांड्रा पहुँचे, जहाँ उम्मीद से बढ़कर हुए इस जोरदार स्वागत ने यह साफ कर दिया कि पार्टी लाइन से अलग होने के बाद भी क्षेत्र में उनका व्यक्तिगत जनाधार बेहद मजबूत है।
कांड्रा में केपी सोरेन के स्वागत के लिए कार्यकर्ताओं में होड़ मची रही। क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों, युवाओं और उनके पुराने सहयोगियों ने एक-एक कर उन्हें माला पहनाई और इस नए राजनीतिक सफर में उनके साथ चट्टानी एकता के साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। हर तरफ ढोल-नगाड़ों और उत्साह का माहौल नजर आया। समर्थकों के इस भारी हुजूम और अभूतपूर्व स्वागत को देखकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं कि केपी सोरेन का यह कदम जिले के सियासी समीकरणों को पूरी तरह बदल कर रख देगा।
इस मौके पर भावुक और उत्साहित नजर आए केपी सोरेन ने कांड्रा की जनता और कार्यकर्ताओं का आभार प्रकट करते हुए कहा कि, “पार्टी के भीतर लगातार वरिष्ठ नेताओं और समर्पित कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की जा रही थी। लेकिन आज कांड्रा की जनता ने जो मान-सम्मान और प्यार दिया है, उसने यह साबित कर दिया है कि नेता किसी दल से नहीं बल्कि जनता के आशीर्वाद से बनता है। कार्यकर्ताओं का यह जोश और भरोसा ही मेरी असली ताकत है और मैं आगे भी क्षेत्र की जनता के हक-अधिकार की लड़ाई मजबूती से लड़ता रहूँगा।” वही मौके पर मुख्य रूप से कांड्रा पंचायत के पूर्व मुखिया होनी सिंह मुंडा, समाजसेवी डॉक्टर जोगेंद्र प्रसाद, संजय महाँती समेत स्थानीय ग्रामीण व उनके समर्थक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
