
कांड्रा (संवाददाता): कांड्रा मध्यबस्ती स्थित विजय महतो के आवास पर आज एक भव्य धार्मिक एवं पारिवारिक समारोह का आयोजन किया गया। यह दोहरा अवसर तब और खास हो गया जब विजय महतो के भाई के पुत्र, हितेश महतो के जन्मदिन के शुभ अवसर पर श्री श्री ठाकुर अनुकूल चंद्र जी के सत्संग का दिव्य आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक समागम में क्षेत्र के काफी संख्या में गुरु भाइयों, गुरु माताओं और गुरु बहनों ने हिस्सा लिया, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा।
माता-पिता द्वारा स्थापित केंद्र से जुड़े हैं सैकड़ों श्रद्धालु
उल्लेखनीय है कि विजय महतो के पिता स्वर्गीय हेमेंद्र महतो और माता स्वर्गीय माधवी महतो द्वारा उनके इसी आवास में ठाकुर जी के केंद्र की स्थापना की गई थी। आज इस केंद्र से क्षेत्र के सैकड़ों की संख्या में गुरु भाई और गुरु बहनें जुड़ी हुई हैं और लगातार सत्संग व अध्यात्म से लाभान्वित हो रही हैं।
पिता अपने खर्च पर लोगों को ले जाते थे देवघर: विजय महतो
सत्संग के दौरान अपने माता-पिता को याद कर विजय महतो बेहद भावुक हो उठे। उन्होंने नम आंखों से कहा:
”आज हमारे पिता स्वर्गीय हेमेंद्र महतो और मां स्वर्गीय माधवी महतो भले ही इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी कमी मुझे हर पल खलती है। आज मैं उन्हीं के बताए हुए सिद्धांतों और आदर्शों पर चल रहा हूँ। आज जो भी श्रद्धालु यहाँ अनुकूल ठाकुर जी से दीक्षा ले चुके हैं और जो भी गुरु भाई-बहन इस केंद्र से जुड़े हैं, यह सब मेरे माता-पिता की ही देन है। मेरे पिता स्वर्गीय हेमेंद्र महतो जब जीवित थे, तब यहाँ के सैकड़ों लोगों को अपने निजी खर्च पर श्री श्री ठाकुर अनुकूल चंद्र जी मुख्य केंद्र, देवघर ले जाने का पुण्य कार्य करते थे।”
ठाकुर जी के बताए मार्ग पर चलने का संदेश
इससे पूर्व सत्संग के मुख्य वक्ता ऋतिक ब्रजकिशोर नारायण आजाद ने ठाकुर जी के सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं को उनके बताए रास्ते पर चलने का संदेश दिया।
वहीं विजय महतो ने ठाकुर जी की अमर वाणी को दोहराते हुए कहा कि ठाकुर जी ने कहा था— “तुम कभी भी दूसरे के दुःख का कारण मत बनो, तो तुम्हारे दुःख का कारण भी कोई नहीं बनेगा।”
सत्संग की समाप्ति के बाद सभी भक्तों के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया और हितेश महतो को दीर्घायु एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।वही इस सत्संग में मुख्यरूप से समाजसेवी विजय महतो, संजय महतो, ऋतिक ब्रजकिशोर नारायण आजाद,अनपूर्णा, महतो, रीता महतो, रेणुका महतो, रीना देवी,विवेक महतोहितेश कुमार महतो, चंदन कुमार दे, प्रदीप कुमार गुड्डू उपस्थित थे
