
गम्हरिया स्थित टाटा स्टील के दुग्धा यूनिट (जूम बल्लभ स्टील) में बुधवार दोपहर करीब 2 बजे सूखी झाड़ियों में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें तेज होकर पास के आवासीय इलाकों की ओर बढ़ने लगीं, जिससे आसपास के लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए कम्पनी के सिक्योरिटी कंट्रोल रूम को घटना की सूचना दी, लेकिन आरोप है कि प्रबंधन ने स्थिति की गंभीरता को नजरअंदाज करते हुए एहतियातन अग्निशमन गाड़ी भेजने में कोई रुचि नहीं दिखाई। इस दौरान आग लगातार फैलती रही और आवासीय क्षेत्र के करीब पहुंच गई।
हैरानी की बात यह रही कि कम्पनी की चाहरदीवारी से सटे एक घर में ट्यूशन पढ़ रहे बच्चों ने बाल्टी से पानी लाकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। बच्चों की सूझबूझ से आवासीय क्षेत्र में फैल रही आग को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया गया, जबकि दूसरी ओर आग की लपटें दहकती रहीं।

घटना को लेकर आमडीह (दुग्धा) निवासी सह झामुमो नेता भोंमरा माझी ने कड़ा आक्रोश जताया। उन्होंने कम्पनी प्रबंधन के रवैये को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि जब सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में बच्चे आग बुझाने को मजबूर हो जाएं, तो यह बेहद चिंताजनक है।

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि आग बुझाने के दौरान बच्चों के साथ कोई हादसा हो जाता, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता? साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि चाहे आग स्वाभाविक रूप से लगी हो या लगाई गई हो, दोनों ही स्थितियों में कम्पनी को तुरंत अग्निशमन व्यवस्था उपलब्ध करानी चाहिए थी।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में कम्पनी प्रबंधन के प्रति नाराजगी देखी जा रही है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है।
