
गम्हरिया। स्थानीय निर्मल महतो मुख्य द्वार के समीप लगा कचरे का अंबार यहां आने वाले आगंतुकों का स्वागत कर रहा है। स्थिति यह है कि थोड़ी सी भी हवा चलने पर कचरा पूरे निर्मल महतो पथ पर फैल जाता है, जिससे राहगीरों का चलना दूभर हो गया है। इस बेहद संवेदनशील मामले पर सबने आंखें मूंद रखी हैं और इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। हाल ही में हुए असमय रिमझिम व बेमौसम बारिश के कारण इस कचरे से भयंकर दुर्गंध उठने लगी है, जिससे पूरे इलाके में संक्रमण और महामारी फैलने की प्रबल आशंका पैदा हो गई है। इस गंभीर समस्या को लेकर पूर्व जिला प्रवक्ता (राजद) सह वन पर्यावरण एवं जलवायु रक्षा समिति के प्रवक्ता मुकेश झा ने गहरा रोष प्रकट किया है। उन्होंने अविलंब इस कचरे को साफ कराने की मांग की है।
श्री झा ने छोटा गम्हरिया पंचायत में गहराते जल संकट पर भी चिंता जताते हुए कहा कि क्षेत्र में पानी की भीषण किल्लत है, जिससे निजात पाने के लिए जगह-जगह बंद पड़े चापाकलों को तुरंत दुरुस्त किया जाना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही जिन स्थानों पर बोरिंग का कार्य पूरा हो चुका है, वहां अविलंब चापाकल लगाने की मांग उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों और प्रखंड विकास पदाधिकारी से की है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि क्षेत्र में विकास कार्यों या किसी भी सरकारी कार्य में कोई असामाजिक तत्व बाधा डालता है, तो उस पर अविलंब और कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि जनहित के कार्य न रुकें।
उन्होंने मांग की कि छोटा गम्हरिया पंचायत के प्रत्येक वार्ड में ‘हर घर नल का जल’ योजना को धरातल पर उतारा जाए। साथ ही सड़कों, नालियों और स्ट्रीट लाइटों की समुचित व्यवस्था की जाए। स्ट्रीट लाइट न होने के कारण शाम के समय बाजार जाने वाले लोगों और कोचिंग से लौटने वाले छात्र-छात्राओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। श्री झा ने दो टूक शब्दों में कहा कि पंचायत की आम जनता को सभी जरूरी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराना स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों का मुख्य दायित्व है, जिसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
