
नोवामुंडी कॉलेज के अर्थशास्त्र विभाग की ओर से महाविद्यालय में “आत्मनिर्भर भारत” विषय पर एक प्रेरणादायक सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मनोजीत विश्वास के निर्देशानुसार एवं उनकी अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ।
सेमिनार में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत केवल आर्थिक विकास का विचार नहीं, बल्कि शिक्षा, तकनीक, कृषि, उद्योग तथा युवाओं को सशक्त बनाने का राष्ट्रीय अभियान है। विद्यार्थियों को स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने, कौशल विकास अपनाने तथा स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित किया गया।

अपने संबोधन में प्राचार्य डॉ. मनोजीत विश्वास ने कहा कि आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को लाल बहादुर शास्त्री की तरह स्वाभिमानी बनना होगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने घरों में छोटी-सी जगह में भी पौधे लगाने की आदत विकसित करनी चाहिए, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की भावना भी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी साकार होगा, जब युवा वर्ग आत्मविश्वास और परिश्रम के साथ आगे बढ़ेगा।
कार्यक्रम में उपस्थित आईक्यूएसी कोऑर्डिनेटर प्रो. कुलजिंदर सिंह ने भारत की विदेश नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भारत विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में भारत लगातार प्रगति कर रहा है और देश शिक्षा, तकनीक, स्टार्टअप, कृषि तथा उत्पादन के क्षेत्र में नई उपलब्धियाँ हासिल कर रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मनिर्भर भारत अभियान को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया।
सेमिनार में महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। विद्यार्थियों ने भी आत्मनिर्भर भारत के महत्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का संचालन विभागाध्यक्ष प्रो. परमानंद महतो ने किया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं के अतिरिक्त काफी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।
