
जमशेदपुर:
आनंद मार्ग प्रचारक संघ महिला स्वयंसेवक प्रशिक्षण शिविर के आयोजन के दौरान गदरा आनंद मार्ग जागृति से एक शोभा यात्रा निकाली गई जो गदरा ,गोविंदपुर के मुख्य सड़क पर बाबा नाम केवलम कीर्तन के धुन के साथ-साथ महिलाओं ने नारा लगाया 1.दुनिया के नैतिकवादियो एक हो, एक हो 2. विश्व बंधुत्व कायम हो 3.जात-पात की करो विदाई आपस में है भाई-भाई 4.एक चूल्हा एक चौका एक है मानव समाज के नारे लगाए गए। आनंद मार्ग की महिला सन्यासिनी अवधूतिका आनंदनिष्ठा आचार्या,अवधूतिका आनंदनम्रता आचार्या एवं अवधूतिका आनंद सहिष्णुता आचार्या ने कहा कि

“अध्यात्म के बिना शिक्षा अधूरी” प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति आध्यात्मिक केंद्रित है लेकिन लगभग 20 हजार वर्ष पुराने इस सभ्यता को पाश्चात्य भोगवादी अपसंस्कृति के आक्रमण ने नष्ट कर दिया मानव समाज को आर्थिक शोषण के सूक्ष्म तरीके अपनाकर युवा तथा बच्चों को गुमराह किया जा रहा है हर एक मनुष्य को शारीरिक ,मानसिक और आध्यात्मिक क्षेत्र में विकसित होने का अधिकार है और समाज का कर्तव्य है कि इसी अधिकार को ठीक से स्वीकृति दें

उन्होंने कहा कि कोई भी घृणा योग्य नहीं है किसी को शैतान नहीं कह सकते मनुष्य जब शैतान या पापी बनता है जब उपयोग परिचालन पथ निर्देशन का अभाव होता है वह अपनी कु प्रवृत्तियों के कारण बुरा काम कर बैठता है यदि उन की इन कुप्रवृत्तियों को सप्रवृत्तियों की ओर ले जाए तो वह शैतान नहीं रह जाएगा हर एक मनुष्य देव शिशु है इस तत्व को मन में रखकर समाज की हर कर्म पद्धति पर विचार करना उचित होगा ।अतः आधुनिक तथाकथित शिक्षा व्यवस्था की जगह आनंदमार्ग की नव्य- मानवतावादी ईश्वर केंद्रित शिक्षा पद्धति की आवश्यकता है
