
कांड्रा : क्षेत्र के स्वास्थ्य परिदृश्य में आज एक नया अध्याय जुड़ गया। कांड्रा-टाटा मुख्य मार्ग स्थित राहरगोड़ा में नव वर्ष (पोइला बैशाख) के शुभ अवसर पर ‘जेके हॉस्पिटल’ का भव्य शुभारंभ हुआ। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और सेवा के संकल्प के साथ खुले इस अस्पताल ने स्थानीय ग्रामीणों के बीच एक नई उम्मीद जगाई है।
इलाज के लिए अब नहीं भागना होगा शहर
उद्घाटन के दौरान अस्पताल के फाउंडर मेंबर निर्मल कुमार पाल ने कहा कि इस ग्रामीण क्षेत्र में एक विश्वस्तरीय स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करना उनका सपना था। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “अक्सर बेहतर इलाज के अभाव में लोग शहरों की ओर भागते हैं, जिससे कीमती समय और पैसा दोनों का नुकसान होता है। अब कांड्रा और आसपास के लोगों को उनके घर के पास ही किफायती और उच्च श्रेणी का इलाज मिलेगा।”

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खास आकर्षण: क्षेत्र का पहला आधुनिक ‘बर्निंग वार्ड‘
जेके हॉस्पिटल केवल एक सामान्य अस्पताल नहीं, बल्कि गंभीर स्थितियों से निपटने के लिए तैयार एक अत्याधुनिक केंद्र है। अस्पताल प्रबंधन ने घोषणा की है कि अगले 3 महीनों के भीतर यहाँ:
बर्निंग वार्ड: गंभीर रूप से झुलसे मरीजों के लिए विशेष वार्ड शुरू होगा।
क्रिटिकल केयर: आईसीयू (ICU) और सीसीयू (CCU) की अत्याधुनिक मशीनें स्थापित की जाएंगी।
वर्तमान क्षमता: फिलहाल 30 बेड की क्षमता और 24×7 ओपीडी (OPD) की सुविधा शुरू कर दी गई है।

पिंकी मंडल ने सराहा: “गरीबों के लिए वरदान साबित होगा अस्पताल”
.उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुँचीं जिला परिषद सदस्य पिंकी मंडल ने विधिवत पूजा-अर्चना के बाद अस्पताल का मुआयना किया। उन्होंने फाउंडर मेंबर की पहल की सराहना करते हुए कहा, “इस क्षेत्र में बर्निंग वार्ड और आईसीयू जैसी सुविधाओं की सख्त जरूरत थी। कांड्रा-टाटा मुख्य मार्ग पर स्थित होने के कारण यह अस्पताल दुर्घटनाओं और आपातकालीन स्थिति में मील का पत्थर साबित होगा।”
इस मौके पर कई स्थानीय गणमान्य अतिथियों और भारी संख्या में मौजूद ग्रामीणों ने अस्पताल प्रबंधन को इस नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दीं।
