
प्रतिष्ठानों में हुआ ‘हलकाता’ पूजन; नए संकल्प और भाईचारे के साथ मनाया गया उत्सव

लौह नगरी नोवामुंडी में बुधवार को बंगाली समुदाय द्वारा नववर्ष का प्रमुख पर्व ‘पोइला वैशाख’ अत्यंत श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाया गया। बांग्ला संस्कृति की झलक और परंपराओं के बीच पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल रहा। सुबह से ही बंगाली समुदाय के लोगों ने नए वस्त्र धारण कर और अपनों को ‘शुभो नोबो बोरशो’ कहकर नए साल का स्वागत किया।
बाजार में ‘हलकाता’ की रही रौनक
व्यापारिक दृष्टिकोण से भी यह दिन बेहद खास रहा। नोवामुंडी बाजार चौक स्थित प्रमुख प्रतिष्ठानों— लोकनाथ फर्नीचर, बाटा शोरूम और एलआईसी कार्यालय सहित कई दुकानों में पारंपरिक ‘हलकाता’ (खाता पूजा) का आयोजन किया गया। व्यापारियों ने भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा-अर्चना कर नए साल के बही-खातों की शुरुआत की। इस दौरान ग्राहकों और शुभचिंतकों के बीच मिठाई और प्रसाद का वितरण भी किया गया।
परंपरा और आधुनिकता का मेल
घरों में सुबह से ही विशेष साफ-सफाई और साज-सज्जा देखी गई। महिलाओं ने द्वारों पर सुंदर अल्पना (रंगोली) बनाई और सुख-समृद्धि की कामना की। दोपहर में बंगाली समुदाय के घरों में पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया गया, जिसमें मछली और विशेष मिठाइयां मुख्य आकर्षण रहीं।
सांस्कृतिक एकता का संदेश
आयोजन के दौरान समुदाय के बुजुर्गों और युवाओं में समान उत्साह देखा गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि पोइला वैशाख का यह पर्व न केवल बंगाली संस्कृति को सहेजने का माध्यम है, बल्कि यह आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सद्भाव को भी मजबूती प्रदान करता है। शाम तक बाजार और कॉलोनियों में उत्सव का माहौल बना रहा और लोगों ने एक-दूसरे के घर जाकर नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।
