
नोवामुंडी (प्रतिनिधि): सरकारी अनाज पर कुंडली मारकर बैठे संपन्न लोगों की अब खैर नहीं। उपायुक्त, चाईबासा के कड़े रुख के बाद नोवामुंडी प्रखंड में अयोग्य राशन कार्डधारियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। इसी सिलसिले में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी दीपक कुजूर ने प्रखंड सभागार में सभी राशन डीलरों के साथ आपात बैठक कर सख्त निर्देश जारी किए।

संपन्न लोग छोड़ें मोह, गरीबों को मिले हक
बैठक के दौरान प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कई ऐसे संपन्न परिवार हैं जो लाल, पीला और हरा राशन कार्ड बनवाकर गरीबों का हक मार रहे हैं। यह न केवल अनैतिक है बल्कि कानूनन अपराध भी है। उन्होंने कहा, “प्रशासन का लक्ष्य है कि सरकारी योजनाओं का लाभ कतार के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे, न कि उन लोगों तक जो आर्थिक रूप से सक्षम हैं।”
डीलरों को ‘भौतिक सत्यापन’ का अल्टीमेटम
प्रशासन ने अब सीधी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। बैठक में डीलरों को निम्नलिखित निर्देश दिए गए:
- क्षेत्रवार जांच: डीलर अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन करें और अयोग्य लोगों की सूची तैयार करें।
- स्वेच्छा से सरेंडर: अपात्र कार्डधारियों को एक अंतिम अवसर दिया गया है कि वे खुद आकर अपना कार्ड सरेंडर कर दें।
- कठोर कार्रवाई: जांच में पकड़े जाने पर न केवल कार्ड रद्द होगा, बल्कि अब तक लिए गए अनाज की बाजार दर पर वसूली की जाएगी और कानूनी प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज हो सकती है।
अनियमितता पर जीरो टॉलरेंस
बैठक में उपस्थित राशन डीलरों ने भी इस अभियान में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया है। विभाग ने साफ कर दिया है कि किसी भी पात्र और जरूरतमंद लाभुक को परेशान नहीं किया जाएगा, लेकिन फर्जीवाड़े पर अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। इस घोषणा के बाद से ही क्षेत्र के अपात्र कार्डधारियों में हड़कंप मच गया है।
