
नोवामुंडी ओवरब्रिज पर शुक्रवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पिलर नंबर 16 के पास अनियंत्रित होकर एक बोलेरो रेलिंग से टकरा गई। गनीमत रही कि गाड़ी नीचे नहीं गिरी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। इस कठिन समय में स्थानीय युवकों ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए घायलों को नई जिंदगी दी।
अनियंत्रित होकर रेलिंग से टकराई बोलेरो
जानकारी के अनुसार, कोयडा (ओडिशा) निवासी परमेश्वर नायक अपनी सफेद बोलेरो से पोरेश दिउरी के साथ चक्रधरपुर जा रहे थे। सुबह करीब 5 बजे ओवरब्रिज पर चालक ने नियंत्रण खो दिया और गाड़ी सीधे रेलिंग से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि गाड़ी का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सीट बेल्ट और एयरबैग के कारण पोरेश दिउरी की जान बच गई, लेकिन चालक परमेश्वर नायक के सिर पर गंभीर चोट लगने से वे मौके पर ही बेहोश हो गए।
स्थानीय युवाओं ने पेश की मानवता की मिसाल
हादसे के वक्त मॉर्निंग वॉक पर निकले स्थानीय युवाओं ने जैसे ही चीख-पुकार सुनी, वे बिना अपनी जान की परवाह किए मदद के लिए दौड़ पड़े। इन युवाओं में शामिल थे:
- सन्नी लोहार (लखन साई)
- राजेश्वर यादव (संग्राम साई)
- विजय रजक (रेलवे फाटक बाजार)
- राजा टेलर (टटरा हाटइंग)
- फिरोज खान (कोल्हान हाटइंग)
इन युवाओं ने क्षतिग्रस्त वाहन में फंसे घायलों को मशक्कत के बाद बाहर निकाला। सन्नी लोहार ने विशेष तत्परता दिखाते हुए तुरंत टिस्को अस्पताल की दौड़ लगाई और खुद एंबुलेंस लेकर मौके पर पहुंचे। युवाओं के इस सामूहिक प्रयास से घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सका।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही नोवामुंडी थाना के एसआई सुशील कुमार सिंह और एएसआई राजीव रंजन दल-बल के साथ अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने जेसीबी की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहन को रास्ते से हटाकर यातायात बहाल कराया।
संपादकीय टिप्पणी: सलाम इन जांबाज युवाओं को
आज के दौर में जहाँ अक्सर लोग सड़क हादसों को देखकर वीडियो बनाने में मशगूल हो जाते हैं, वहीं नोवामुंडी के इन युवाओं ने मानवता का जो परिचय दिया है, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। सन्नी, राजेश्वर, विजय, राजा और फिरोज जैसे युवाओं के कारण ही आज दो घरों के चिराग बुझने से बच गए। इन जांबाज युवाओं की तत्परता और निस्वार्थ सेवा भाव की पूरे इलाके में सराहना हो रही है। प्रशासन और स्थानीय संगठनों को ऐसे साहसी युवाओं को सम्मानित करना चाहिए ताकि समाज में मदद की यह भावना बनी रहे।
