
नोआमुंडी (प्रतिनिधि): जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) चाईबासा ने एक बार फिर मानवता की अनूठी मिसाल पेश की है। सड़क किनारे लावारिस और दयनीय स्थिति में पड़े एक अज्ञात वृद्ध के लिए डालसा की पहल नई जिंदगी लेकर आई है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष मोहम्मद शाकिर के मार्गदर्शन और सचिव रवि चौधरी के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के तहत उक्त असहाय वृद्ध को सुरक्षित रेस्क्यू कर उनका पुनर्वास सुनिश्चित किया गया।

जानकारी के अनुसार, यह वृद्ध व्यक्ति अत्यंत गंभीर और बेसहारा हालत में सड़क किनारे पाए गए थे, जो अपनी सुध-बुध खो चुके थे और स्वयं की देखभाल करने में पूरी तरह असमर्थ थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पारा लीगल वालंटियर्स उमर सादिक और प्रमिला पात्रा की टीम ने त्वरित कार्रवाई की। डालसा की टीम ने टाटा स्टील फाउंडेशन और नोआमुंडी पुलिस के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए वृद्ध को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया। कागजी औपचारिकताओं और विधिसम्मत प्रक्रिया के बाद उन्हें झिंकपानी स्थित ओल्ड एज होम में स्थानांतरित कर दिया गया।

वृद्ध की शारीरिक स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल बेहतर उपचार के लिए सदर अस्पताल चाईबासा में भर्ती कराया गया है। प्रारंभिक बातचीत में वृद्ध ने अपना नाम मदन साहू बताया है और वे केवल ओड़िया भाषा में ही संवाद कर पा रहे हैं। डालसा की इस संवदेनशील पहल की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।

इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन में पारा लीगल वालंटियर उमर सादिक, प्रमिला पात्रा, विनिता सांडिल, रेनु देवी, सोमा बोस एवं पूनम देवी का सराहनीय योगदान रहा। प्रशासन और डालसा के इस संयुक्त प्रयास ने यह संदेश दिया है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के अधिकारों और सुरक्षा के लिए तंत्र पूरी तरह सजग है।
