
संवाददाता नोवामुंडी, पश्चिम सिंहभूम
मलेरिया मुक्त समाज के लक्ष्य को लेकर चलाए जा रहे विशेष जागरूकता अभियान के तहत (15 मई से 18 मई)पोखरपी, मोराटोला, गुंडि जोड़ा-2, करिंदासाई, पांड्रासाली, पाताहातु, नाथो साई एवं सालीकुट्टी गाँवों में व्यापक माइकिंग गतिविधि सफलतापूर्वक आयोजित की गई।
अभियान के दौरान मलेरिया प्रचार वाहन के माध्यम से स्थानीय बाजारों और ग्रामीण समुदायों तक पहुंचकर लोगों को मलेरिया के खतरों और उससे बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया गया। स्थानीय CHV के सहयोग से ग्रामीणों को उनकी स्थानीय भाषा में समझाया गया कि साफ-सफाई बनाए रखना, घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देना, मच्छरों से बचाव करना तथा समय पर जांच और उपचार कराना मलेरिया से बचने के सबसे प्रभावी उपाय हैं।

माइकिंग के जरिए यह संदेश भी दिया गया कि “सावधानी और जागरूकता ही मलेरिया के खिलाफ सबसे बड़ी ताकत है।” ग्रामीणों ने अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वास्थ्य संबंधी जानकारियों को गंभीरता से सुना।
इस दौरान CINI के Block Coordinator (Noamundi–Badajamda) अभिषेक कुमार द्वारा जमीनी स्तर पर गतिविधियों की लगातार मॉनिटरिंग की गई, जिससे अभियान को प्रभावी और व्यवस्थित रूप से संचालित किया जा सका।
यह जागरूकता अभियान न केवल लोगों को मलेरिया के प्रति सतर्क करने में सफल रहा, बल्कि समुदाय में स्वच्छता, स्वास्थ्य सुरक्षा और समय पर इलाज की महत्ता को भी मजबूती से स्थापित करने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।
संदेश:
“मच्छरों से बचाव अपनाएँ, मलेरिया को गाँव से दूर भगाएँ।”
