
नोवामुंडी, 25 मार्च 2026: ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के स्तर को ऊँचा उठाने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया गया। टाटा स्टील फाउंडेशन और एक्सिस बैंक की साझेदारी में नोवामुंडी कॉलेज में STEM लैब, ज्योग्राफी लैब और एक आधुनिक रीडिंग रूम का उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही ‘मल्टी-स्किल डेवलपमेंट सेंटर’ को भी नए स्वरूप में फिर से शुरू किया गया है।
प्रमुख अतिथियों की उपस्थिति
इस खास अवसर पर जगन्नाथपुर विधायक सोनाराम सिंकु, पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, पूर्व विधायक गीता कोड़ा, एक्सिस बैंक के झारखंड हेड प्रशांत पांडे, टाटा स्टील (OMQ) के चीफ अवनिष कुमार, टाटा स्टील फाउंडेशन के शिक्षा प्रमुख दिव्याहास राय और कॉलेज के संस्थापक सदस्य निसार अहमद सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
छात्राओं और जनजातीय समुदाय के लिए वरदान
नोवामुंडी कॉलेज “सात सौ पहाड़ियों” के बीच बसा एक ऐसा संस्थान है जहाँ 2/3 से अधिक विद्यार्थी अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय से हैं, जिनमें अधिकांश छात्राएं हैं।
- टाटा स्टील फाउंडेशन के CEO सौरव रॉय ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि भूगोल या परिस्थितियाँ शिक्षा के आड़े न आएं। यह लैब और रीडिंग रूम जनजातीय युवाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाएंगे।”
- एक्सिस बैंक के प्रशांत पांडे ने कॉलेज की प्रगति की सराहना करते हुए कहा, “एक साल में यहाँ के बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव आया है। यह मधु कोड़ा और गीता कोड़ा जी का एक पुराना सपना था जो अब साकार हो रहा है।”
क्या हैं नई सुविधाएँ?
- STEM लैब: यहाँ छात्र विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित का व्यावहारिक ज्ञान (Hands-on learning) ले सकेंगे।
- ज्योग्राफी लैब: क्षेत्र की खनिज संपदा और भौगोलिक स्थिति को समझने के लिए आधुनिक संसाधन।
- रीडिंग रूम: छात्रों को शांति से बैठकर शोध और पढ़ाई करने के लिए एक समर्पित स्थान।
- स्किल सेंटर: स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने हेतु विशेष प्रशिक्षण।
पलायन पर लगेगी रोक
पहले इन सुविधाओं के लिए छात्रों को बड़े शहरों की ओर रुख करना पड़ता था। अब अत्याधुनिक लैब और डिजिटल संसाधनों (जैसे लैंग्वेज और कंप्यूटर लैब) की उपलब्धता से छात्र अपने ही क्षेत्र में रहकर वैश्विक स्तर की शिक्षा पा सकेंगे।
