
टाटा स्टील फाउंडेशन द्वारा गम्हरिया क्षेत्र में संचालित फंक्शनल लिटरेसी प्रोग्राम के अंतर्गत चार माह का प्रशिक्षण पूरा करने वाली 500 महिलाओं को आज पाया जाहेरगाढ़ हॉल में आयोजित समारोह में प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। लिटरेसी प्रोग्राम का उद्देश्य समाज के वंचित वर्गों की महिलाओं को साक्षरता, वित्तीय जागरूकता और सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर सशक्त बनाना है।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रमोद कुमार (इएस एंड सीआर, टीएसजी, टीजीएस) ने उपस्थित साक्षर महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि “इल्म की रौशनी जब दिलों में उतर जाती है, ज़िंदगी की हर स्याह रात सँवर जाती है। जिस घर की माँ के हाथों में किताबें होती हैं, उस घर की हर तक़दीर निखर जाती है। जहां इल्म की शमा जलती है, वहां अंधेरा टिकता नहीं और जहां मां मुस्कुरा दे, वहां मुक़द्दर झुकता नहीं”

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सरायकेला के अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश ने अपने संबोधन में कहा कि उनके माता-पिता अधिक शिक्षित नहीं थे, लेकिन उन्होंने हमेशा शिक्षा के महत्व को समझा और उन्हें दिल्ली में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि लगातार मेहनत और समर्पण के बल पर वे अपने शहर के पहले आईएएस अधिकारी बने। उन्होंने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे शिक्षा की इस यात्रा को जारी रखें और डिजिटल ज्ञान के माध्यम से अपने परिवार और समाज को आगे बढ़ाने में योगदान दें।

कार्यक्रम से सम्बन्धित जानकारी देते हुए टीएसएफ अधिकारी सत्यनारायण नन्दा ने धन्यवाद ज्ञापन से पूर्व बताया कि कमज़ोर समुदायों की महिलाओं, खासकर हमारे एजुकेशन प्रोग्राम में शामिल बच्चों की मांओं को मज़बूत बनाया जा सके। यह प्रोग्राम बेसिक लिटरेसी, फाइनेंशियल अवेयरनेस और सरकारी स्कीमों तक पहुंच बनाने पर फोकस करता है, जिससे महिलाएं घर के फैसले लेने में ज़्यादा कॉन्फिडेंस के साथ हिस्सा ले सकें और अपने बच्चों की पढ़ाई में मदद कर सकें।
कार्यक्रम में टीजीएस के जीएम शरद् शर्मा, हेड सीएसआई (पिलेट प्लांट) रविन्द्रन ठाकुर, एरिया मैनेजर, इएस एंड सीआर, महेन्द्र सिंह आदि विशिष्ट अतिथि के तौर पर आमंत्रित थे। उनके अलावा रापचा, बुरुडीह और छोटा गम्हरिया पंचायतों के मुखिया भी बतौर आमंत्रित अतिथि समारोह में शामिल हुए।
