
प्रतिनिधि नोवामुंडी कई दिनों तक चले इस पारंपरिक मेले में श्रद्धा, संस्कृति और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। मेले के सफल आयोजन में मंदिर कमेटी और स्थानीय प्रशासन की भूमिका सराहनीय रही, जिनके सहयोग से पूरा मेला व्यवस्थित और सुरक्षित रूप से संपन्न हुआ।मेले के अंतिम दिन युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। मेला परिसर दिनभर खचाखच भरा रहा और लोगों ने मेले का भरपूर आनंद उठाया। आज के दिन विशेष रूप से मुर्गा पाड़ा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे।
कुल मिलाकर, यह ऐतिहासिक मकर मेला क्षेत्रवासियों के लिए यादगार बन गया और आपसी भाईचारे व सांस्कृतिक विरासत को और मजबूत कर गया।
