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प्रतिनिधि, नोवामुंडी
नोवामुंडी टिस्को सेंटर कैंप मुख्य मार्ग पर सोमवार को एक अज्ञात वाहन की टक्कर से एक जंगली बंदर की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना जंगलों की लगातार हो रही कटाई और प्राकृतिक आवास के नष्ट होने से पैदा हुए मानव–वन्यजीव संघर्ष की एक और दुखद तस्वीर पेश करती है।स्थानीय लोगों के अनुसार, जंगलों में भोजन की कमी के कारण जंगली बंदर भूख से व्याकुल होकर कभी बाजार क्षेत्र तो कभी कैंप इलाकों की ओर भटक रहे हैं। इस दौरान कई बंदर कभी बिजली के तारों की चपेट में आकर तो कभी तेज रफ्तार वाहनों की टक्कर से अपनी जान गंवा चुके हैं। हाल के महीनों में इस तरह की घटनाओं में कई जंगली बंदरों की असमय मौत हो चुकी है।

घटना की सूचना मिलते ही विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए जंगली बंदर का विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया। इस पहल की स्थानीय लोगों ने सराहना की और इसे जीव-जंतुओं के प्रति संवेदना का प्रतीक बताया।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है किजंगलों की अंधाधुंध कटाई पर सख्ती से रोक लगाई जाए,
वन्यजीवों के लिए जंगल क्षेत्र में भोजन एवं जल की व्यवस्था की जाए,
तथा सड़कों और रिहायशी इलाकों में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
यदि समय रहते इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में ऐसे हादसे और भी बढ़ सकते हैं, जो पर्यावरण और जैव विविधता के लिए गंभीर खतरा साबित होंगे।
