
झारखंड राज्य खाद्य आयोग रांची के अध्यक्ष हिमांशु शेखर चौधरी व सदस्या शबनम परवीन का समुदायिक भवन स्थित सभागार में जिले के सभी पंचायत के मुखिया के साथ संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक एवं सिविल सर्जन ने केंद्र में खाद्य आपूर्ति से संबंधित संचालित योजनाओं के संबंध में जानकारी साझा करते हुए क्षेत्र में योजनाओं को धरातल पर लाने तथा अंतिम पायदान में खड़े व्यक्तियों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ प्रदान करने में पंचायत स्तर पर मुखिया को पहल करने की अपील की गई। मुखिया के साथ संवाद के क्रम में आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि मुखिया समाज का नींव है और जब तक समाज मजबूत नहीं होगा, तब तक कोई भी राज्य प्रगति के पथ पर आगे नहीं बढ़ सकता है। राज्य सरकार योजनाओं/कार्यक्रमों को लागू करती है तथा उसका अनुपालन, लाभुकों तक उसकी पहुंच को सुनिश्चित करना पदाधिकारी एवं कर्मियों का दायित्व है। इस कड़ी में पंचायत प्रतिनिधियों एवं मुखिया का भी अहम भूमिका होता है, क्योंकि इनके द्वारा व्यवस्था के अंतिम पायदान पर इसकी निगरानी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जितनी भी योजनाएं संचालित है, यह सभी गरीब और वंचित लोगों के लिए है। जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचा कर आप अपने उत्कृष्ट सेवा भाव का निर्वहन कर सकते हैं। खाद्य आयोग की सदस्या ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम योजना लागू करने के पीछे सरकार की मंशा है कि अनाज के अभाव में कोई भुखा नहीं रहे। कोई भी महिला या बच्चा कुपोषण का शिकार ना हो। उन्होंने कहा कि अधिनियम के तहत आज करोड़ों जरूरतमंद लोग लाभान्वित हैं तथा अधिनियम से अधिकाधिक लोग लाभान्वित होते रहें। आयोग इसके लिए लगातार कार्य कर रही है और उसी का प्रतिफल है कि आयोग के द्वारा राज्य के 16 जिलों में मुखिया के संग संवाद कार्यक्रम किया गया है।
