
आनन्दमार्ग स्कूल कांड्रा में आनंदमार्ग प्रचारक संघ की ओर से एक दिवसीय जिला स्तरीय सेमिनार का आयोजन किया गया. इस मौके पर मुख्य रूप से उपस्थित योगाचार्य राजेन्द्र प्रसाद ने भक्तितत्व सृष्टि में ब्रजगोपाल एवं पार्थसारथी कृष्ण समाज का गति तत्व और ब्रह्म सदभाव आदि विषय पर व्याख्यान दिया. उन्होंने कहा कि संस्कृत में ब्रज शब्द का अर्थ है आनन्द पूर्वक चलना. वे कहीं बहुत प्यार करते है, कहीं थोडा बहुत डांटते है. पर उससे अधिक स्नेह प्रदान करते आचार्य ने कहा कि इस विश्व ब्रह्माण्ड में सब ही सबको आकर्षित किए हुए है. इस आकर्षण की आ. ति में मनुष्य जब सोचता है कि परमब्रह्म समेत यह विश्व ब्रह्माण्ड है. मैं उस सत्ता को आकर्षित कर रहा हूं. इस भावना में जो मनोवैज्ञानिक तत्व कार्य करता उसी का नाम भक्ति है और प्रत्येक कर्म को ब्रह्म स्वरूप समझना ही ब्रह्म सद्भाव है. इस मौके पर काफी संख्या में भक्त, अनुयायी और श्रद्धालु उपस्थित थे.
